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Post: एआईएसए का 25 जुलाई को बिहार बंद, एनईईटी विवाद पर बिहार में उबाल, सड़क पर छात्र, टेंशन में पुलिस

एआईएसए का 25 जुलाई को बिहार बंद, एनईईटी विवाद पर बिहार में उबाल, सड़क पर छात्र, टेंशन में पुलिस

रिपोर्ट : विशेष ब्यूरो पटना 

NEET पेपर लीक विवाद अब केवल परीक्षा व्यवस्था का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि बिहार में यह एक बड़े राजनीतिक और छात्र आंदोलन का रूप ले चुका है 

न्यूज़ डेस्क, ऐ.एल.न्यूज़ 

–  अमिट लेख

पटना, (दिवाकर पाण्डेय)। एनईईटी पेपर लीक मामले और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में बिहार में छात्र आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने 25 जुलाई को विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। पटना में छात्र संगठन सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेगा और शिक्षा मंत्री का पुतला दहन करने की तैयारी है।आंदोलन को और धार देते हुए AISA ने 25 जुलाई को बिहार बंद का आह्वान किया है। संगठन ने छात्रों और आम लोगों से बंद को सफल बनाने की अपील की है। इससे पहले AISA ने 22 जुलाई को हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में इसे ‘ब्लैक डे’ के रूप में मनाया। संगठन के मुताबिक 22 जुलाई की घटना के विरोध में आज यानी 24 जुलाई को प्रतिरोध दिवस मनाया जा रहा है। इसके तहत राज्य के सभी जिलों में विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।लेफ्ट समर्थित छात्र संगठनों AISA और राष्ट्रीय युवा आंदोलन ने 25 जुलाई को बिहार बंद की घोषणा की। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस काराकाट से सीपीआई माले विधायक अरुण सिंह कुशवाहा के पटना स्थित आवास पर आयोजित की गई थी। AISA बिहार के अध्यक्ष धनंजय और RYA के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत कुशवाहा ने कहा कि पटना में छात्रों के लोकभवन मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियों के विरोध में यह निर्णय लिया गया है।छात्र संगठनों का आरोप है कि प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर पुलिस ने बर्बर तरीके से लाठीचार्ज किया, जिसमें कई लोग घायल हुए। संगठनों ने दावा किया कि कई छात्राओं को हिरासत में रखा गया। AISA ने आंदोलन को लेकर कई मांगें रखी हैं। इनमें NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को समाप्त करना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को वापस लेना, गिरफ्तार छात्रों की रिहाई, 7.5 CGPA की अनिवार्यता खत्म करना, प्रस्तावित उच्च शिक्षा विधेयक को वापस लेना समेत अन्य मांगें शामिल हैं। बढ़ते छात्र आंदोलन को देखते हुए बिहार पुलिस मुख्यालय ने सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। सभी जिलों के एसपी को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन को आशंका है कि शुक्रवार और शनिवार को आंदोलन और तेज हो सकता है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है और प्रदर्शन की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। NEET पेपर लीक विवाद अब केवल परीक्षा व्यवस्था का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि बिहार में यह एक बड़े राजनीतिक और छात्र आंदोलन का रूप ले चुका है। आने वाले दिनों में सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।

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