रिपोर्ट : विशेष ब्यूरो पटना
बिशनोई गैंग के नाम पर 1 करोड़ की डिमांड
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, 24 जुलाई की रात करीब 9:22 बजे डॉ. संजीव कुमार के मोबाइल नंबर पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सऐप संदेश आया
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमित लेख
पटना, (दिवाकर पाण्डेय)। बिहार के पूर्व विधायक, चिकित्सक और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता डॉ. संजीव कुमार को कथित तौर पर बिशनोई गैंग के नाम पर जान से मारने की धमकी दी गई है। धमकी देने वाले ने व्हाट्सऐप के जरिए डॉ. संजीव कुमार से ₹1 करोड़ की रंगदारी मांगी और रकम नहीं देने पर उन्हें और उनके पूरे परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। डॉ. संजीव कुमार ने इस संबंध में पटना के कंकड़बाग थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। डॉ. संजीव कुमार परबत्ता विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, 24 जुलाई की रात करीब 9:22 बजे डॉ. संजीव कुमार के मोबाइल नंबर पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सऐप संदेश आया। संदेश भेजने वाले ने खुद को ‘Bishnoi Gang’ से जुड़ा हुआ बताया और एक करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग की। आरोप है कि संदेश में पैसे नहीं देने पर डॉ. संजीव कुमार और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। धमकी मिलने के बाद उन्होंने मामले की जानकारी पुलिस को दी और कंकड़बाग थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। डॉ. संजीव कुमार ने अपने आवेदन में बताया है कि जब उन्होंने धमकी भरे संदेश का जवाब दिया तो उन्हें व्हाट्सऐप की ओर से AI यानी Automated AI Reply का स्वत: उत्तर प्राप्त हुआ। इसके बाद आशंका जताई गई कि धमकी भेजने के लिए किसी फर्जी या स्वचालित अकाउंट का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। उन्होंने पुलिस से संबंधित मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच कराने, धमकी भेजने वाले की पहचान करने और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की। मामले की शिकायत की प्रतिलिपि बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) और पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) को भी भेजी गई है। पुलिस अब धमकी देने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर और व्हाट्सऐप अकाउंट की तकनीकी जांच कर रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि धमकी वास्तव में किसी संगठित आपराधिक गिरोह से जुड़ी है या किसी व्यक्ति ने गिरोह के नाम का इस्तेमाल कर रंगदारी मांगने की कोशिश की है। पुलिस जांच के बाद ही धमकी देने वाले की वास्तविक पहचान और पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।








