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Post: किशुन बाग मंदिर परिसर का होगा कायाकल्प, चहारदीवारी के साथ लगेगी पेबर ब्लॉक्स व टाइल्स

किशुन बाग मंदिर परिसर का होगा कायाकल्प, चहारदीवारी के साथ लगेगी पेबर ब्लॉक्स व टाइल्स

रिपोर्ट : उप-संपादक, बेतिया

बोलीं महापौर बेतिया राज काल में स्थापित ऐतिहासिक धरोहरों को उपेक्षाजनित स्थिति से उबारना शुरू से ही रही है उनकी प्राथमिकता

नगर निगम द्वारा निर्धारित निविदा आमंत्रण की प्रक्रिया के तहत 10 सितंबर तक दस्तावेज अपलोड करने की तिथि निर्धारित

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

– अमिट लेख

बेतिया, (मोहन सिंह)। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने बताया कि बेतिया नगर निगम क्षेत्र के ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल किशुन बाग मंदिर परिसर के विकास और सौंदर्यीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। नगर निगम बोर्ड से स्वीकृत योजना के तहत सम्पूर्ण मंदिर परिसर की चहारदीवारी निर्माण के साथ पेबर ब्लॉक्स एवं टाइल्स लगाने की योजना को धरातल पर उतारने के लिए निविदा आमंत्रित की गई है। महापौर श्रीमती सिकारिया ने बताया कि इससे जिलाभर के लाखों लोगों धार्मिक आस्था के इस महत्वपूर्ण केंद्र को व्यवस्थित, सुरक्षित और आकर्षक स्वरूप मिलने की उम्मीद बढ़ गयी है। महापौर श्रीमती सिकारिया ने बताया कि नगर निगम द्वारा जारी निविदा विज्ञप्ति के अनुसार, योजना के लिए अनुमानित लागत 11 लाख 34 हजार 565 रुपये निर्धारित की गयी है। कार्य में ऐतिहासिक किशुन बाग मंदिर परिसर की चहारदीवारी के निर्माण के साथ परिसर में पेबर ब्लॉक्स एवं टाइल्स लगाने का काम शामिल है। योजना पूरी होने के बाद मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए बेहतर एवं साफ-सुथरा मार्ग उपलब्ध होने के साथ परिसर की सुरक्षा भी मजबूत होगी। नगर निगम की इस पहल को शहर के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण तथा विकास से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलने वाली सुविधाओं का विस्तार होना निर्धारित किया गया है। महापौर ने बताया कि निविदा में कार्य पूरा करने की अवधि तीन माह निर्धारित की गई है। संवेदकों से निविदा आमंत्रण की प्रक्रिया के तहत 10 सितंबर तक दस्तावेज अपलोड करने की समय-सीमा तय है और 11 सितंबर को निविदा खोली जायेगी।महापौर ने बताया कि निविदा में कार्य पूरा करने की अवधि तीन माह निर्धारित की गयी है। संवेदकों से निविदा आमंत्रण की प्रक्रिया के तहत 10 सितंबर तक दस्तावेज अपलोड करने की समय-सीमा तय है और 11 सितंबर को निविदा खोली जायेगी। योजना के शीघ्र चयन और क्रियान्वयन से किशुन बाग मंदिर परिसर के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। महापौर श्रीमती सिकारिया ने बताया कि बेतिया राज काल में स्थापित ऐतिहासिक धरोहरों को उपेक्षा जनित स्थिति से उबारना शुरू से ही उनकी प्राथमिकता रही है। उसी कड़ी में मां काली धाम कॉरिडोर का निर्माण की योजना को स्वीकृति दी गई है। पुनः समीपवर्ती किशुन बाग मंदिर परिसर की चहारदीवारी के साथ परिसर का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। इसके साथ ही मूल मंदिर के मूल स्वरूप को सुरक्षित रखने के साथ उसके फर्श पर टाइल्स आदि लगाया जाएगा।

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