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राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर जागरूकता रथ रवाना: 12 सितंबर को लगेगी लोक अदालत

रिपोर्ट : उप-संपादक, छपरा डेस्क 

सुलह-समझौते से मामलों के त्वरित एवं निःशुल्क निपटारे की दी जाएगी जानकारी

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

– अमिट लेख
छपरा, (संवाददाता)। आमजन को सुलभ एवं त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता को लेकर सोमवार को व्यवहार न्यायालय छपरा परिसर स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), सारण के कार्यालय से जागरूकता रथ रवाना किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार सारण अनंत सिंह ने हरी झंडी दिखाकर प्रचार वाहनों को रवाना किया। इस अवसर पर परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश हम्बिर सिंह बाघेल, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम सैयद मोहम्मद फजलूल बारी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय अनुराग कुमार त्रिपाठी, विशेष उत्पाद न्यायाधीश प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राजीव कुमार सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में पूर्णेन्दु रंजन, मुख्य एलएडीएस, एलएडीएस कर्मी, डालसा कर्मी, न्यायालय कर्मी एवं बिहार ग्रामीण बैंक के पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

गांव-गांव पहुंचकर लोगों को करेगा जागरूक

जागरूकता रथ जिले के विभिन्न प्रखंडों, सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों एवं प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर भ्रमण करेगा। लाउडस्पीकर एवं पंपलेट के माध्यम से लोगों को लोक अदालत में मामलों के आपसी समझौते के आधार पर त्वरित एवं निःशुल्क निपटारे की जानकारी दी जाएगी। अभियान के दौरान बैंक ऋण, दीवानी मामले, वैवाहिक वाद एवं अन्य समझौता योग्य मामलों के साथ ट्रैफिक चालान, बिजली-पानी बिल तथा वन विभाग से संबंधित कंपाउंडेबल अपराधों के निपटारे के लिए लोगों को प्रेरित किया जाएगा।

समय और धन दोनों की होती है बचत

जागरूकता रथ के माध्यम से लोगों को बताया जाएगा कि लोक अदालत में आपसी सहमति से निपटाए गए मामलों में सामान्यतः अपील का प्रावधान नहीं होता। इससे पक्षकारों के समय और धन दोनों की बचत होती है। दीवानी मामलों में जमा न्याय शुल्क वापस किए जाने की जानकारी भी लोगों को दी जाएगी। रथ को रवाना करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनंत सिंह ने कहा कि लोक अदालत न्याय का वह द्वार है, जहां कोई हारता नहीं, बल्कि दोनों पक्षों की जीत होती है। उन्होंने जिलेवासियों से 12 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाने और अपने लंबित मामलों को आपसी सहमति से समाप्त कराने की अपील की।

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