रिपोर्ट ; बेतिया डेस्क, 03 अक्टूबर 2026
बनकटवा और मंगलपुर बांध पर रह रहे बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच राहत पहुंचाने के लिए जहां जनप्रतिनिधियों की सक्रियता को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं किन्नर समाज आगे बढ़कर मानवता की मिसाल पेश करते हुए बांटा राहत सामग्री
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। पश्चिम चंपारण के नौतन प्रखंड क्षेत्र में गंडक नदी की बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। घरों में पानी घुसने के बाद बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में चंपारण तटबंध और बांधों पर शरण लिए हुए हैं।

बनकटवा और मंगलपुर बांध पर रह रहे बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच राहत पहुंचाने के लिए जहां जनप्रतिनिधियों की सक्रियता को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं किन्नर समाज आगे बढ़कर मानवता की मिसाल पेश करते हुए बांटा राहत सामग्री। खुशी किन्नर, कृष्णा किन्नर और पंडिताइन किन्नर ने बनकटवा और मंगलपुर बांध पर पहुंचकर बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया। इस दौरान उन्होंने पीड़ितों से उनकी समस्याएं सुनी और जरूरत के अनुसार सहायता पहुंचाई। राहत सामग्री मिलने से खुले आसमान के नीचे और अस्थायी तंबुओं में रहने को मजबूर परिवारों को काफी राहत मिली। बाढ़ के कारण कई परिवार अपने घर-बार छोड़कर बांधों पर शरण लेने को मजबूर हैं।

भोजन, पानी और रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे समय में किन्नर समाज की ओर से की गई पहल ने प्रभावित परिवारों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। खुशी किन्नर, कृष्णा किन्नर और पंडिताइन किन्नर ने कहा कि आपदा के समय किसी की पहचान, जाति या समुदाय नहीं देखा जाना चाहिए। जरूरतमंद इंसान की मदद करना ही सबसे बड़ी मानवता है। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों की स्थिति को देखते हुए वे अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग करते रहेंगे। राहत सामग्री मिलने पर बाढ़ पीड़ित परिवारों ने किन्नर समाज के प्रति आभार जताया। स्थानीय लोगों ने कहा कि संकट की घड़ी में जब कई जरूरतमंद परिवार सहायता की उम्मीद लगाए बैठे हैं, ऐसे समय में किन्नर समाज का आगे आना सामाजिक संवेदनशीलता और एकजुटता का उदाहरण है। वहीं, स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों की भूमिका और राहत कार्यों को लेकर भी लोगों के बीच चर्चा तेज है।








