सूबे की असली सूरत बयां करते हैँ गांव, तभी तो चिलचिलाती धूप में भी नहीं थमे महामहिम के पाँव
विटीआर के ठाढ़ी गांव से सूबे के राज्यपाल ने टटोलना शुरू किया ग्रामीण जनप्रतिनिधियों के साथ सरकार प्रदत्त योजनाओं का पिटारा
वाल्मीकिनगर में दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे महामहिम राजेंद्र विश्वनाथ आलेंकर
✍️ नन्दलाल पटेल, संवाददाता
– अमिट लेख
वाल्मीकिनगर, (विशेष)। बिहार के राज्यपाल दो दिवसीय वाल्मीकीनगर के दौरे पर हैं। इस दौरान राज्यपाल ने इंडो नेपाल सीमा वाल्मीकीनगर पहुंचते हीं पंचायतों के जन प्रतिनिधियों से रू-ब-रू हुए और सरकार की योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी ली।
साथ हीं उनके समस्याओं को सुना। इसके बाद राज्यपाल गंडक नदी किनारे बसे आदिवासी बाहुल्य गांव ठाढ़ी गांव का दौरा किया जहां वे ग्रामीणों से मुखातिब हुए। ग्रामीणों से उन्होंने सरकार के सात निश्चय योजनाओं के बारे में जानकारी ली। इस दौरान पीएम आवास योजना पर उनका विशेष फोकस रहा। उन्होंने केंद्र सरकार की इस योजना की खूब सराहना की और अधिकारियों को कई दिशा निर्देश दिए। इतना हीं नहीं ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को भी गिनाया। इस अवसर पर मीडिया से मुख़ातिब होते महामहिम ने साफ जताया कि बिहार को जानने के लिए ऐसी यात्रायें जरुरी हैँ। उन्होंने जताया कि बिहार कि सही तस्वीर अधिकारियों से नहीं मिल सकती लिहाजा वे ग्रामीण भ्रमण पर वाल्मीकिनगर पधारे हैँ। इस अवसर पर जिन योजनाओं से ग्रामीण लाभान्वित हुए हैं उस बाबत भी ग्रामीणों के समक्ष जनप्रतिनिधियों सहित अधिकारियों ने राज्यपाल को जानकारी दी। सरकारी योजनाओं को धरातल पर पहुँचते देख राज्यपाल मन हीं मन प्रफ्फुलित दिखें। ग्रामीणों ने सादगी से ओत प्रोत महामहिम के भाव देख उनसे खुलकर अपनी अपनी दास्तान भी सुनाई। पश्चिम चम्पारण के इतिहास में वाल्मीकिनगर की धरातल पर पहली बार सूबे का कोई महामहिम चम्पारणवासियों की हाल दशा समझने के लिए पधारा है, जिससे ग्रामीण तबकों से जुड़े आम जनों की निगाहें महामहिम का क्षणिक आगमन अपने अपने गांव में भी होने कि आस में आगामी सूर्योदय कि बाट जोह रहा है। लोग बाग उम्मीद पाले बैठे हैँ कि बिहार कि सही तस्वीर देखने की चाहत में काश कहीं महामहिम विटीआर के करीबी अन्य गांव में भी घूमने का अनायास कार्यक्रम बना लेते ताकि उनके भी सपनों का गांव कुछ खास सज और संवर जाता।








