प्रदूषण रोकने वास्ते सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाना आवश्यक है। आधुनिक युग के महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंस के अनुसार पृथ्वी का अस्तित्व खतरे में है
✍️ जीतेन्द्र कुमार, जिला ब्यूरो
– अमिट लेख
सुपौल, (विशेष)। राष्ट्रीय सेवा योजना प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय इकाई अनूपलाल यादव महाविद्यालय त्रिवेणीगंज सुपौल बिहार के संयुक्त तत्वाधान में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जयदेव प्रसाद यादव की अध्यक्षता में एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी प्रोफेसर विद्यानंद यादव द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं सुरक्षा के लिए जागरूकता हेतु संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्राचार्य महोदय ने बताये कि दुनियाभर में पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को सचेत करने और इसके महत्व को समझाने के लिए हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। धरती हमारी जननी है। धरती हमारी मां है। प्रकृति हमारा जीवन है। पेड़ पौधे के बिना धरती पर जीवन संभव नहीं। पर्यावरण सुरक्षा वास्ते वृक्षारोपणआवश्यक है। मानवद्वारा बढ़ते हुए ध्वनि, जल, वायु, लाइट प्रदूषण और अंधाधुंध जंगल,पेड़-पौधे काटे जाने के कारण वायुमंडल में कार्बनडाइ ऑक्साइड का मात्रा बढ़ रहा है। हमारा पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है। जंतु को स्वसन क्रिया के लिए ऑक्सीजन पेड़-पौधों से मिलता है। धरती पर जीवन का अस्तित्व बचाने के लिए पर्यावरण का संरक्षण आवश्यक है। स्वयंसेवक को चाहिए कि स्वयं के साथ अन्य को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करें तथा प्रदूषण रोकने का उपाय बताते हुए पर्यावरण को स्वच्छ बनावें। कार्यक्रम पदाधिकारी प्रोफेसर विद्यानंद यादव ने बताया कि मनुष्य विकास और आधुनिकता की दौड़ में पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं।मानव अपने दिनचर्या की पूर्ति के लिए अंधाधुंध रो मटेरियल के प्रयोग कर रहे हैं।डीजल, पेट्रोल तथा अन्य पर्यावरण प्रदूषित करने वाले वाहन के संचालन और पेड़- पौधे,जंगल कट जाने से हमारा पर्यावरण प्रदूषित होकर पृथ्वी का तापमान बढ़ा रहा है,जिस कारण से ग्लोबल वार्मिंग,ओजोन लेयर फटने से एसिड वर्षा जैसे खतरा जीवन के अस्तित्व मिटाने के लिए महाप्रलय बनकर सामने खड़ा है। कभी बाढ तो कभी सुखाड़। कभी बादल फट रहा है तो कहीं धरती पर पानी सूख रहा है। जल का लेयर नीचे जा रहा है।कहीं जमीन आग उगल रहा है।वर्तमान में अंटार्टिका का पिघलता हुआ ग्लेशियर पृथ्वी पर प्रलय का सबसे बड़ा खतरा है।जलवायु परिवर्तन के कारण यह सब देखने को मिल रहा है।पृथ्वी वासियों को ऐसी बीमारियां हो रही है जो ना पहले कभी देखा गया और ना ही सुना गया।पशु पक्षियों का अंधाधुंध शिकार करने से और जंगल कट जाने से एवं पर्यावरण प्रदूषित होने के कारण कई प्रजाति के जीव विलुप्त हो चुके हैं और कई प्रजाति के अस्तित्व खतरे में है।धरती पर से किसी जीव की प्रजाति के अंत होने पर उसका असर संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र पर पड़ता है।विश्व पर्यावरण दिवस-2023 का थीम है:-“प्लास्टिक प्रदूषण के समाधान”- Solution to Plastic Pollution.प्रदूषण रोकने वास्ते सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाना आवश्यक है। आधुनिक युग के महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंस के अनुसार पृथ्वी का अस्तित्व खतरे में है।मनुष्य इस पृथ्वी पर 1000000 साल बिता चुके हैं। प्रदूषण नहीं रोका गया तो महाप्रलय सुनिश्चित है।मनुष्य प्रजाति को बचाने के लिए मनुष्य को अन्य ग्रह या उपग्रह पर शरण लेना होगा। वर्तमान में कोई अन्य ग्रह या उपग्रह जीवन के लायक उपयुक्त नहीं है। इससे यह समझा जा सकता है कि पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा हमारे लिए कितना महत्वपूर्ण है। पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 5 जून 1972 को 119 देशों के साथ सर्वप्रथम विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। तब से प्रत्येक 5 जून को हम अपने अस्तित्व को बचाने के लिए पर्यावरण संरक्षण एवं सुरक्षा वास्ते प्रत्येक वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाते हैं। स्वयंसेवकों को चाहिए कि पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा हेतु कारगर उचित उपाय सोचे और लोगों को भी इसके लिए जागरूक करें। पर्यावरण संरक्षण वास्ते महाविद्यालय परिसर में महाविद्यालय के सचिव कपलेश्वर यादव, प्राचार्य महोदय, कार्यक्रम पदाधिकारी एवं एनएसएस के स्वयंसेवकों द्वारा वृक्षारोपण का कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक गण उप प्राचार्य प्रो.अशोक कुमार, प्रोफेसर अरुण कुमार, तृतीय इकाई के कार्यक्रम पदाधिकारी प्रोफेसर शंभू यादव, द्वितीय इकाई के कार्यक्रम पदाधिकारी प्रोफेसर कुमारी पूनम, कम्युनिटी कॉलेज के सोनू स्नेहिल, आगंतुक सज्जन तरुण सिंह राठौर तथा अन्य एवं शिक्षकेतर कर्मचारीगण गगन कुमार, दिग्दर्शन उर्फ राजू , रंजन कुमार तथा अन्य एवं एनएसएस के पूर्व स्वयंसेवक सोनाली कुमारी सिंह,मेघा राई, दीक्षा कुमारी,स्वयंसेवक रंजीत सिंह, अनुराधा पांडे, रिया भारद्वाज, अश्वनी कुमार, खुशबू कुमारी,प्रिंसी कुमारी,रिया कुमारी, कुमारी खुशबू भारती,निशा कुमारी, विनीता कुमारी,सोनी कुमारी, प्रियंका कुमारी,मनीषा कुमारी, निभा पांडे, महिमा कुमारी गुप्ता, निभा कुमारी, संजन कुमारी, पूजा कुमारी, ज्योति कुमारी तथा अन्य संगोष्ठी कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।








