AMIT LEKH

Post: गंडक बराज के सभी फाटक खुलने से नदियों में उफान

गंडक बराज के सभी फाटक खुलने से नदियों में उफान

वाल्मीकिनगर बराज के सभी फाटक खोले गए दर्जन भर नदियों में उफान से मंडराया बाढ़ का खतरा

गोपालगंज में भी मड़रा रहा बाढ का खतरा

✍️ एक संवाददाता

– अमिट लेख

पटना, (विशेष)। बिहार में बाढ़ का खतरा अब बढ़ने लगा है। नेपाल के अलावे उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का असर बिहार की नदियों पर पड़ रहा है और करीब एक दर्जन नदियों में उफान देखा जा रहा है। गंगा-कोसी समेत कई प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जिससे लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। उत्तर व पूर्वी बिहार और कोसी-सीमांचल के इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। गंगा, कोसी और बागमती का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। कमला बलान और गंडक में भी पानी अब बढ़ने लगा है। वाल्मीकिनगर बराज से सवा लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया. जबकि कोसी नदी में वीरपुर बराज पर 24 घंटे के अंदर 15 हजार क्यूसेक पानी बढ़ा है। वाल्मीकिनगर बराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए। जिससे मैदानी इलाकों की हालत बिगड़ने की आशंका अब होने लगी है। प्रदेश में गंगा, कोसी, बागमती, बूढ़ी गंडक, गंडक, अधवारा, महानंदा, पुनपुन समेत कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गोपालगंज में गंडक नदी का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है। शाम को नदी का पानी बढ़ने के कारण तटबंधों पर दबाव बनने लगा है। नदी के जल स्तर में लगातार बढ़ोतरी हुई है। अगले 24 घंटे में पानी के और बढ़ने के आसार है। छह प्रखंडों में बाढ़ को लेकर प्रशासन भी हाइ अलर्ट मोड में है। जिले के छह प्रखंडों में 43 गांव ऐसे हैं जहां नदी का जल स्तर थोड़ा और बढ़ा, तो गांवों में पानी घिर जायेगा। लोग पलायन की तैयारी शुरू करते दिखने लगे है। कोसी-सीमांचल क्षेत्र में भी बाढ़ जैसे हालात बन गए है। सीमांचल के जिलों से बहने वाली नदियों में लगातार उफान देखा जा रहा है। महानंदा, गंगा व कोसी नदी के जलस्तर में वृद्वि जारी है। लोग अब कटाव की समस्या से भी जूझ रहे है। पलायन की तैयारी में लोग अभी से जुट गए है।

Comments are closed.

Recent Post