



विशेष ब्यूरो बिहार की रिपोर्ट :
बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए शिक्षा विभाग लगातार प्रयत्नशील है
न्यूज़ डेस्क, राजधानी पटना
दिवाकर पाण्डेय
– अमिट लेख
पटना, (ए.एल.न्यूज़)। बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए शिक्षा विभाग लगातार प्रयत्नशील है। विभाग द्वारा तमाम तरह की कोशिशें की जा रही हैं हालांकि अब भी कुछ ऐसे शिक्षक हैं जो सोशल मीडिया के जरिए विभाग की किरकिरी कराने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। शिक्षा विभाग अब ऐसे शिक्षकों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की तैयारी कर रहा है।
दरअसल, शिक्षा विभाग ने यह पाया है कि कुछ शिक्षकों द्वारा सोशल मीडिया पर विभाग के खिलाफ टिप्पणियां की जा रही हैं। शिक्षक अपनी शिकायतों को विभाग के टॉल फ्री नंबर पर दर्ज कराने के बजाए सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे विभाग की छवि धूमिल हो रही है। प्राथमिक शिक्षा विभाग की निदेशक साहिला ने राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र लिखा है और यह सुनिश्चित करने को कहा है कि इस प्रवृति पर तत्काल रोक लगाई जाए। प्राथमिक शिक्षा निदेशक साहिला ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र लिखा कि, यह देखा गया है कि राज्य के विभिन्न प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के कतिपय शिक्षक विभागीय नीतियों एवं कार्यप्रणाली के विरूद्ध सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (फेसबुक, यूट्यूब, एक्स, इन्स्टाग्राम, व्हाट्सएप आदि) का उपयोग कर सार्वजनिक रूप से अनुचित टिप्पणियों एवं वीडियो पोस्ट कर रहे हैं। यह आचरण न केवल सेवा नियमों के विरूद्ध है, बल्कि इससे शिक्षा विभाग की गरिमा एवं प्रतिष्ठा पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उपर्युक्त के आलोक में निदेश है कि अपने अधीनस्थ सभी प्रधानाध्यापक एवं शिक्षकों को यह निर्देशित करें कि वे विभागीय शिकायतों अथवा सुझावों के लिए विभाग द्वारा स्थापित टॉल-फ्री शिकायत निवारण नम्बरों का हीं प्रयोग करें। किसी भी परिस्थिति में वे सोशल मीडिया पर विभाग के नीतियों के संबंध में सार्वजनिक रूप से टिप्पणी, वीडियो अपलोड या चैनल संचालित न करें। इस आदेश का अनुपालन नहीं करने वाले शिक्षकों के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1976 एवं अन्य संगत आचरण नियमावली के आलोक में विभागीय कार्रवाई संचालित किया जाय। ऐसे में माना जा रहा है कि शिक्षा विभाग के इस आदेश का पालन नहीं करने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।