बेतिया से उप-संपादक का चश्मा :
नोएडा के मजदूरों के समर्थन में एकजुटता मार्च : ऐक्टू
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। नोएडा में मजदूरों पर हुए पुलिस दमन, बर्बर लाठीचार्ज और नेताओं/मजदूरों की गिरफ्तारी के खिलाफ 17 अप्रैल 26 को गोपालगंज जिला के भोरे बाजार में ऐक्टू और भाकपा माले के बैनर तले प्रतिरोध मार्च निकाला गया।

यह मार्च मजदूरों के साथ एकजुटता जताने और दमनकारी कार्रवाई के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए आयोजित किया गया। भाकपा माले नेता सुबास पटेल ने कहा कि नोएडा में मजदूर अपने हक, रोजगार सुरक्षा और बेहतर मजदूरी की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे, लेकिन सरकार के इशारे पर पुलिस ने जिस तरह बर्बर दमन किया, वह लोकतंत्र पर सीधा हमला है। मजदूरों की आवाज दबाने के लिए गिरफ्तारी और दमन का सहारा लेना बेहद निंदनीय है। माले नेता सह डोमनपुर पंचायत मुखिया कमलेश प्रसाद ने केंद्र और राज्य सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि मजदूरों के अधिकारों को लगातार छीना जा रहा है और जब वे अपने हक के लिए सड़क पर उतरते हैं, तो उन्हें जेल भेज दिया जाता है। यह सरकार की मजदूर विरोधी नीति को उजागर करता है।
खेत व ग्रामीण मजदूर सभा नेता रमेश बैठा ने मांग किया कि नोएडा में गिरफ्तार सभी मजदूरों और नेताओं को तुरंत रिहा किया जाए। और मजदूरों पर किए गए फर्जी मुकदमों को वापस लिया जाए। तथा पुलिस दमन की न्यायिक जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। खेग्रामस नेता रामनरेश राम ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भाकपा (माले) और ऐक्टू मजदूरों के संघर्ष के साथ मजबूती से खड़े हैं और देशभर में ऐसे दमन के खिलाफ आंदोलन तेज किया जाएगा। स्कीम वर्कर नेता सीता पाल ने कहा कि नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत हजारों मजदूर आज गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। कंपनियां ठेका प्रथा के तहत मजदूरों से दिन-रात मेहनत करवा रही हैं, लेकिन उन्हें मात्र 9000 से 10000 रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है, जो आज की बढ़ती महंगाई में जीवन-यापन के लिए पूरी तरह अपर्याप्त है। आगे कहा कि मजदूरों के लिए न्यूनतम वेतन कम से कम 18000–25000 रुपये प्रति माह सुनिश्चित किया जाए। इंकलाबी नौजवान सभा जिला नेता अर्जुन सिंह कुशवाहा ने कहा कि ठेका प्रथा के माध्यम से कंपनियां मजदूरों को स्थायी रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से वंचित कर रही हैं। श्रम कानूनों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है, लेकिन सरकार इस पर आंख मूंदे बैठी है। भाकपा माले जिला कमिटी सदस्य सुभाष सिंह कुशवाहा ने कहा कि मजदूरों के हक की लड़ाई तेज होगी, शोषण के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा! इनके अलावा प्रभात कुमार सिंह, रमावती देवी, प्रमोद कुशवाहा, धर्मेन्द्र चौहान, सरोज देवी, हलिम अंसारी, अवध लाल राम, ललन गुप्ता, अंजू देवी, गिरजा देवी, विश्वनाथ गुप्ता, प्रभावती देवी आदि नेताओं ने भी सभा को सम्बोधित करते हुए चेतावनी देते हैं कि यदि मजदूरों की इन जायज मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया, तो मजदूर संगठन व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।








