बेतिया से उप-संपादक का चश्मा :
नगर के वार्ड- 04 में मुख्य नाला की उड़ाही सफाई की गति धीमी पाकर महापौर ने लगाई जमादार और सफाई निरीक्षक की क्लास
सम्पूर्ण नगर निगम क्षेत्र की गरीब और मलिन बस्तियों में साफ सफाई व्यवस्था को उच्च प्राथमिकता देने का दिया सख्त निर्देश
अगले सप्ताह से मानसून आ जाने के जारी पूर्वानुमान को लेकर महापौर ने दिया बाकी बचे नालों युद्ध स्तर पर सफाई और उड़ाही को पूरा करने का आदेश
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने नगर निगम के वार्ड- 04 में मुख्य नाला की जल निकासी और सफाई व्यवस्था की संतोषजनक स्थिति नहीं पाकर वार्ड जमादार और सफाई निरीक्षक की मौके पर ही “क्लास” लगाई।

महापौर श्रीमती सिकारिया ने मौसम विज्ञान विभाग से जारी मानसून पूर्वानुमान में अगले सप्ताह मानसून की बरसात शुरू होने को लेकर नगर निगम क्षेत्र के नालों की शीघ्र पूरी करें उड़ाही और सफाई को युद्ध स्तर पर पूरा करने का निर्देश दिया। वार्ड 4 में चमार टोला के समीप के मुख्य नाला के सिल्ट और कचरा से जाम होने के कारण बाधित जल निकासी पर महापौर ने गहरी चिंता और नाराजगी जताई।

वार्ड क्षेत्र की मलिन बस्ती और चमार टोला में लचर सफाई व्यवस्था की शिकायत मिलने के बाद महापौर श्रीमती सिकारिया स्वयं मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान नालों में जमा गाद, कचरा और जलजमाव की आशंका को गंभीर मानते हुए महापौर ने वार्ड जमादार और सफाई निरीक्षक की जमकर क्लास लगाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार मानसून शुरू होने में अब केवल तीन से चार दिन शेष हैं, ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने तत्काल प्रभाव से मुख्य नाला की व्यापक उड़ाही, कचरा निष्पादन और वार्ड के सभी गलियों-मोहल्लों में विशेष सफाई अभियान चलाने का आदेश दिया। महापौर ने निर्देश दिया कि चमार टोला सहित सभी संवेदनशील इलाकों में प्रतिदिन सफाई कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा नालों की नियमित मॉनिटरिंग हो। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान जलजमाव और गंदगी से लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। नगर निगम प्रशासन के स्वच्छता विंग को साफ-सफाई कार्यों की दैनिक रिपोर्ट उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया है।स्थानीय लोगों ने महापौर की सक्रियता की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि त्वरित कार्रवाई से इस बार मानसून में राहत और कही भी जल जमाव की स्थिति नहीं मिलेगी।








