बेतिया से उप-संपादक का चश्मा :
पंचायत विकास दिवस को जनांदोलन बना रहीं जीविका दीदियाँ, नशामुक्त समाज के लिए बढ़ाया जनजागरण
महिला हितैषी ग्राम पंचायत के संकल्प के साथ जीविका दीदियों ने दिया नशामुक्ति का संदेश
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। पंचायत विकास दिवस पर जीविका दीदियों की पहल—नशे के विरुद्ध गांव-गांव जागरूकता अभियान नशामुक्त समाज और सशक्त पंचायत के लिए जीविका दीदियों का व्यापक जनसंपर्क अभियान जीविका दीदियों ने पहले पंचायत विकास दिवस को बनाया।

जन-जागरूकता का सशक्त मंच महिला हितैषी ग्राम पंचायत थीम के साथ नशामुक्त समाज के निर्माण का दिया संदेश राज्य सरकार के निर्देशानुसार प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को मनाए जाने वाले पंचायत विकास दिवस के प्रथम आयोजन को सफल बनाने में जीविका दीदियों ने अहम एवं प्रेरणादायी भूमिका निभाई। इस माह की थीम “महिला हितैषी ग्राम पंचायत” के अनुरूप जीविका दीदियों ने सामाजिक जागरूकता एवं नशामुक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिए व्यापक अभियान चलाया।

जिले के प्रत्येक पंचायत में आयोजित विकास दिवस के अवसर पर जीविका दीदियों ने मद्यनिषेध एवं नशामुक्ति के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से सुबह-सुबह प्रभात फेरी, रैली, रंगोली निर्माण, शपथ कार्यक्रम एवं जनसंवाद गतिविधियों का आयोजन किया। दीदियों ने गांव-गांव घूमकर शराब एवं अन्य मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले सामाजिक, आर्थिक एवं पारिवारिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी। प्रमुख चौक-चौराहों पर नशामुक्ति से जुड़े संदेशों वाले पोस्टर एवं स्लोगन प्रदर्शित किए गए। “नशे का जो हुआ शिकार, उसका उजड़ा घर-परिवार”, “नशा छोड़ो, परिवार जोड़ो” तथा “स्वस्थ समाज की यही पहचान, नशामुक्त हो हर इंसान” जैसे प्रेरक संदेशों के माध्यम से लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया। जीविका दीदियों ने आमजन को यह भी बताया कि शराब एवं अन्य मादक पदार्थों के सेवन, उत्पादन अथवा अवैध व्यापार से संबंधित किसी भी जानकारी को साझा करने के लिए सरकार द्वारा जारी टोल-फ्री नंबर का उपयोग किया जा सकता है। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं, युवाओं एवं समुदाय के अन्य सदस्यों ने नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु अपना संकल्प दोहराया। पंचायत विकास दिवस के सफल आयोजन में जीविका दीदियों की सक्रिय सहभागिता ने यह सिद्ध किया है कि वे केवल आर्थिक सशक्तिकरण की वाहक नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन एवं नशामुक्त बिहार के निर्माण की भी सशक्त आधारशिला हैं। उनके निरंतर प्रयास पंचायतों को अधिक जागरूक, समावेशी एवं महिला हितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।








