बेतिया से उप-संपादक का चश्मा :
उद्योग एवं रोजगार सृजन को दी जा रही है सर्वाेच्च प्राथमिकता
उद्यमियों के साथ प्रशासन का दूसरी बार हुआ सीधा संवाद
उद्योगों के विकास पर हुआ मंथन
उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए मिले महत्वपूर्ण सुझाव
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। जिले में उद्योगों के विकास को गति देने तथा उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में उद्यमी संवाद कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उद्यमियों ने भाग लेकर अपने अनुभव साझा किए तथा उद्योग संचालन से जुड़ी विभिन्न समस्याओं एवं सुझावों से जिला प्रशासन को अवगत कराया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि सरकार उद्योग एवं रोजगार सृजन को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। उद्यमी जिले के आर्थिक विकास की मजबूत कड़ी हैं। उद्योगों का विस्तार होगा तो स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा जिले की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। जिला प्रशासन उद्योगों के अनुकूल वातावरण तैयार करने और उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देशानुसार जिले में दूसरी बार उद्यमी संवाद का आयोजन किया गया है। इस संवाद का उद्देश्य केवल समस्याओं को सुनना नहीं, बल्कि उनके समाधान के लिए प्रभावी एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

उन्होंने उद्यमियों से जिला प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करने तथा सरकार की विभिन्न औद्योगिक योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। साथ ही विभिन्न विभागों/एजेंसियों के नियामक अनुपालन (Regulatory Compliances) का ससमय पालन करने का भी अपील किया। संवाद के दौरान धनंजय शाही, अविनाश कुमार, राजेश कुमार, विकास कुमार, श्रवण कुमार, राजकुमार यादव, नूर आलम, अर्जुन कुमार, सचिन कुमार अग्रवाल, आनंद कुमार, उमेश कुमार साह, शाहिद अहमद, दीपक चौधरी, सुनील कुमार मोटानी, मनीष कुमार, नीरज कुमार, खुशी कुमारी, अमित सिंह, अनुपम तिवारी सहित अन्य उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा उद्योग संचालन में आने वाली विभिन्न चुनौतियों से प्रशासन को अवगत कराया। उद्यमियों ने विशेष रूप से अरवा राइस सरकार द्वारा क्रय पुनः शुरू करने, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, बियाडा अंतर्गत संपर्क पथ एवं जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने , फायर एनओसी, भूमि संपरिवर्तन (लैंड कन्वर्जन), जलजमाव, ड्रेनेज सिस्टम, नाला कनेक्टिविटी, पार्किंग व्यवस्था, विद्युत ट्रांसफॉर्मर, बिजली कटौती एवं पावर कट शेड्यूल, उर्वरक लाइसेंस, ऋण उपलब्धता, औद्योगिक क्षेत्रों की सुरक्षा, लीज डीड, समाहरणालय परिसर में उद्यमी सहायता केंद्र की स्थापना, बगास की निरंतर उपलब्धता, पुलिस गश्त, भूमि हस्तांतरण एवं SIPB अंतर्गत आवेदन का त्वरित क्लीयरन्स से संबंधित समस्याओं एवं सुझावों को प्रमुखता से रखा। जिला पदाधिकारी ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि उद्यमियों द्वारा उठाए गए प्रत्येक मुद्दे का विभागवार परीक्षण कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिन समस्याओं का समाधान जिला स्तर पर संभव है, उनका शीघ्र निष्पादन किया जाए तथा राज्य स्तर से संबंधित मामलों का प्रस्ताव तत्काल अग्रसारित किया जाए। उद्योगों के संचालन में किसी भी प्रकार की अनावश्यक बाधा उत्पन्न न हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन भविष्य में भी नियमित रूप से उद्यमियों के साथ संवाद स्थापित करेगा, ताकि उद्योगों से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र समाधान हो सके तथा जिले में निवेश और औद्योगिक विकास को नई गति मिल सके। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त काजले वैभव नितिन, नगर आयुक्त, नगर निगम बेतिया सुश्री शिवाक्षी दीक्षित, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र रोहित राज, अनुमंडल पदाधिकारी, बेतिया सदर विकास कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी, जिला गोपनीय शाखा सुजीत कुमार, जिला अग्निशाम पदाधिकारी मनीष कुमार सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में उद्यमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अनुमंडल स्तर के वरीय पदाधिकारी एवं अनेक उद्यमी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी जुड़े।








