रिपोर्ट : विशेष ब्यूरो, पटना
पुश्तैनी जमीन के पुराने और नासूर बन चुके विवाद ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां हमेशा के लिए उजाड़ दीं
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
पटना, (दिवाकर पाण्डेय)। भोजपुर जिले के संदेश थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव से एक दिल को झकझोर देने वाली वारदात सामने आई है। पुश्तैनी जमीन के पुराने और नासूर बन चुके विवाद ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां हमेशा के लिए उजाड़ दीं। मारपीट की इस खूनी झड़प में गंभीर रूप से जख्मी हुए 42 वर्षीय योगेंद्र महतो ने आखिरकार इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बीते 2 अगस्त को जमीन की मिल्कियत को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई थी, जो देखते ही देखते खूनी संघर्ष में तब्दील हो गई। इल्जाम है कि दबंगों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से लैस होकर योगेंद्र महतो पर बेरहमी से हमला किया, जिससे वे बुरी तरह जख्मी हो गए। घरवालों ने उन्हें फौरन अस्पताल पहुंचाया, जहां हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने उन्हें पटना रेफर कर दिया। कई दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ने के बाद आख़िरकार वे जिंदगी की बाजी हार गए। मौत की खबर मिलते ही फतेहपुर गांव में कोहराम मच गया। अवाम में गहरा आक्रोश और मातम का माहौल है। पूर्व मुखिया बब्लू सिंह ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर उन्हें ढांढस बंधाया और पुलिस-प्रशासन से मुस्तैदी दिखाते हुए कातिलों के खिलाफ सख्त कानूनी शिकंजा कसने की पुरजोर मांग की है। इस घटना के बाद से गांव में तनाव है। हालांकि, पुलिस महकमा हालात पर पैनी नजर रखे हुए है और हर पहलू की बारीकी से तफ्तीश करने का दावा कर रहा है। बहरहाल, इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर जमीन के पुरानी रंजिशों पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं, जहां मासूम बच्चों के सिर से उनके पिता का साया छिन गया है।








