रिपोर्ट : बेतिया डेस्क, ए.एल.न्यूज़
1942 के शहीदों की शहादत याद करने से साम्राज्यवाद के खिलाफ अपनी आजादी, संप्रभुता के लिए कुर्बान होने की मिलती है सीख : सुनील कुमार राव
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। ऐतिहासिक अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन में 24 अगस्त 1942 को बेतिया में तिरंगा फहराने के लिए उमड़ी जन सैलाव में सबसे कम मात्र 13 वर्ष की उम्र में शहादत देकर जगन्नाथपुरी समेत आठ लोगों ने साम्राज्यवादी अंग्रेजी निज़ाम को बता दिया कि अब उनका जूल्म सितम अधिक दिन नहीं चलने वाला है। देश वासियों को अपने जीवन से भी प्यारा अपनी आजादी है। इसे हरगीज हम बर्दाश्त नहीं कर सकते।

उक्त बातें अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला अध्यक्ष और पूर्व जिला पार्षद सुनील कुमार राव ने लौकरिया में आयोजित 1942 के शहीद जगन्नाथपुरी की शहादत को याद करते हुए उनके प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद कहा। उन्होंने कहा 24 अगस्त 1942 को जिला भर के स्वतंत्रता के दिवाने लोगों ने बेतिया स्थित तत्कालीन अनुमंडल कार्यालय पर भारतीय तिरंगा फहराने के लिए भारी जुलूस निकाला। हजारों लोग अपने अपने गांवों से तिरंगा हाथ में लिए बेतिया बड़ा रमना मैदान के लिए कुच किए जहां से जुलूस आगे बढ़ा। अंग्रेजी हुकूमत के कारिंदे अंग्रेज अधिकारी मिस्टर के आदेश पर गोली चलवाया जिसमें जगन्नाथ पुरी समेत 8 लोगों ने अपनी शहादत दिया। आज जब अमेरिकी साम्राज्यवाद हमारी संप्रभुता, हमारी आजादी और हमारे कृषि, उधोग, प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जा के लिए हर तरह से कुचक्र रच रहा है तब हमें अपने शहीदों के साम्राज्यवाद विरोधी विरासत को और अधिक मजबूती से याद करने की जरूरत है। मौके पर मौजूद रहे अप्पू राव, बब्लू सिंह, गोविंदा कुमार गुप्ता,रानु कुमार राव, राहुल यादव, विकास राव,सोनू कुशवाहा, धनंजय गुप्ता, अरविंद सिंह,रोहन पटेल, बाबू जान मियां,हैदर अली आदि।








