रिपोर्ट : उप-संपादक, बेतिया डेस्क
मरीजों और पत्रकारों के साथ मारपीट पर खामोशी, डॉक्टर से नोकझोंक पर अस्पताल बंद!
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। GMCH में व्यवस्था और कार्रवाई को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि मरीजों और उनके परिजनों के साथ कथित दुर्व्यवहार या मारपीट के मामलों में अपेक्षित सख्ती नहीं दिखती। पत्रकारों के साथ कथित मारपीट और मोबाइल छीने जाने जैसे मामलों पर भी सवाल उठते रहे हैं। लेकिन जब डॉक्टर के साथ नोकझोंक की घटना सामने आती है, तो अस्पताल की सेवाएं प्रभावित होने की स्थिति क्यों बन जाती है?
सवाल यह है कि कानून और व्यवस्था सबके लिए समान है या नहीं?
डॉक्टरों की सुरक्षा जरूरी है, लेकिन मरीज, उनके परिजन और पत्रकार भी सम्मान और सुरक्षा के हकदार हैं। किसी भी पक्ष के साथ मारपीट या दुर्व्यवहार गलत है और दोषी पर निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। क्या पश्चिम चंपारण में व्यवस्था के लिए अलग-अलग नियम चलेंगे? क्या मरीज की आवाज कमजोर है और डॉक्टर की आवाज ज्यादा प्रभावशाली?
क्या पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार पर कार्रवाई नहीं होगी?
GMCH प्रशासन और जिला प्रशासन को इन सवालों का स्पष्ट और निष्पक्ष जवाब देना चाहिए।








