रिपोर्ट : बेतिया डेस्क, 26 सितम्बर 2026
बगहा एक एवं दो प्रखंडों के कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद, एनडीआरफ एवं मेडिकल टीम तैनात
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। पिछले तीन दिनों से नेपाल एवं गंडक के जल ग्रहण क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश से गंडक नदी में तेजी से पानी बढ़ रहा है। गंडक किनारे बसे गांव के लोग अपने बाल बच्चों एवं मवेशियों के साथ सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने के लिए पलायन करना शुरू कर दिए।

वहीं जिला प्रशासन एवं बगहा अनुमंडल प्रशासन पूरी तरह से सतर्क नजर आ रहा है और लगातार बाढ़ की स्थिति पर कड़ी नजर रखे जा रही है। गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर से पश्चिम चंपारण में भारत-नेपाल सीमा से सटे कई गांवों में शनिवार को बाढ़ का पानी घुस गया।
वाल्मीकिनगर बैराज से करीब तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद लोगों को अपने घरों से निकलने के लिए मजबूर होना पड़ा। चार गांवों के करीब 3,000 लोग प्रभावित हुए हैं। कुछ लोगों ने ऊंचे स्थानों पर शरण ली है, जबकि कई अन्य नावों की मदद से सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। बगहा-2 प्रखंड की लक्ष्मीपुर-रमपुरवा पंचायत के चकदहवा, बिन टोली, झंडहवा टोला, कान्हा टोला और रोहुआ टोला में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है।

पानी भेड़िहारी चौक तक भी पहुंच गया है। बिन टोली के कई लोगों ने ऊंचे स्थान पर बनी एक झोपड़ी में शरण ली है, जबकि अन्य छोटे नावों की मदद से सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। शनिवार दोपहर वाल्मीकिनगर बैराज से पानी के डिस्चार्ज में और वृद्धि दर्ज की गई। गंडक बैराज नियंत्रण कक्ष के ताजा आंकड़ों के अनुसार, दोपहर दो बजे बैराज से 3,00,400 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, जबकि दोपहर 12 बजे यह 2,90,200 क्यूसेक था।
बैराज का अपस्ट्रीम जलस्तर 359.20 फीट और डाउनस्ट्रीम जलस्तर 357.60 फीट दर्ज किया गया। वाल्मीकिनगर बैराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, किसी गेट पर आपातकालीन या रखरखाव संबंधी बंदी नहीं है और पूरा डिस्चार्ज डाउनस्ट्रीम छोड़ा जा रहा है। नेपाल से आने वाला पानी भी काफी अधिक है। शनिवार दोपहर 1.15 बजे देवघाट में 4,42,800 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया और इसका रुझान बढ़ने का है। अधिकारियों के अनुसार, देवघाट से छोड़ा गया पानी कुछ घंटों में वाल्मीकिनगर बैराज तक पहुंचेगा। इससे डाउनस्ट्रीम डिस्चार्ज और बढ़ने तथा निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर होने की आशंका है।
बाढ़ से घिरे लोगों ने प्रशासन से सामुदायिक रसोई शुरू करने और प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने की मांग की है। बिन टोली निवासी बसंत कुमार ने कहा, “गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद हमारे गांव में यह तीसरी बार बाढ़ आई है। इस बार पानी का स्तर सबसे ज्यादा है। चार गांवों के करीब 3,000 लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ का पानी झंडहवा टोला और रोहुआ टोला स्थित एसएसबी कैंपों में भी प्रवेश कर गया है। अगर पानी और बढ़ा तो जंगल के पास स्थित भेड़िहारी गांव तक भी पहुंच जाएगा।” बगहा की एसडीएम चांदनी कुमारी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा, “बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों के लिए भेड़िहारी हाई स्कूल में सामुदायिक रसोई की व्यवस्था की जा रही है। हमने प्रभावित इलाकों का दौरा किया है। जो लोग अभी भी गांवों में बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं, उन्हें भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा।”








