AMIT LEKH

Post: प्रीपेड मोबाइल यूजर्स के लिए बड़ी खबर, अब 30 दिन का रिचार्ज और वॉइस-ओनली प्लान मिलेगा

प्रीपेड मोबाइल यूजर्स के लिए बड़ी खबर, अब 30 दिन का रिचार्ज और वॉइस-ओनली प्लान मिलेगा

रिपोर्ट : पटना डेस्क, 27 सितम्बर 2026

उपभोक्ताओं को अब 28 दिन पर मोबाइल रिचार्ज नहीं करना होगा, इसकी समय सीमा बढ़ाकर 30 दिन कर दिया गया है

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

–  अमिट लेख

पटना, (विशेष ब्यूरो)। विपक्ष में रहते हुए सांसद राघव चड्ढा ने मोबाइल प्रीपेड रिचार्ज को लेकर संसद में मांग उठाई थी, उस मांग को अब मोदी सरकार ने मान लिया है। उपभोक्ताओं को अब 28 दिन पर मोबाइल रिचार्ज नहीं करना होगा। इसकी समय सीमा बढ़ाकर 30 दिन कर दिया गया है। अब एक महीना यानि पूरे 30 दिन पर मोबाइल रिचार्ज करना होगा। साल में 13 बार नहीं बल्कि अब 12 बार ही मोबाइल रिचार्ज करना होगा। इस बात की जानकारी राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर दी है। कहा है कि खुशखबरी है..सरकार ने मेरी मांग मान ली है। उन्होंने आगे बताया कि जिन्हें डेटा की जरूरत नहीं है, उनके लिए सिर्फ वॉइस और SMS वाले प्लान दिए जाएंगे। भारत में प्रीपेड मोबाइल यूजर्स के लिए बड़ी खबर सामने आई है। सांसद राघव चड्ढा ने दावा किया है कि सरकार ने टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन (तेरहवां संशोधन) रेगुलेशन, 2026 पेश किया। इसके तहत मोबाइल ग्राहकों को 30 दिन की वैधता वाले रिचार्ज प्लान का विकल्प मिलेगा। इससे 30 दिन के हिसाब से रिचार्ज करने वाले ग्राहकों को साल में 13 की जगह 12 बार रिचार्ज कराने की जरूरत पड़ेगी। राघव चड्ढा ने कहा कि कई लोगों ने उनसे सीमित और लचीले रिचार्ज विकल्पों को लेकर अपनी चिंताएं साझा की थीं। उन्होंने बताया कि 11 मार्च को उन्होंने संसद में यह मुद्दा उठाया था और उपभोक्ताओं के लिए ज्यादा विकल्प और किफायती रिचार्ज प्लान उपलब्ध कराने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की सुविधा और अधिक विकल्प के लिए इन मांगों पर कार्रवाई करने को लेकर वह भारत सरकार और TRAI के आभारी हैं। राघव चड्ढा ने कहा कि सरकार ने उनकी मांगों को स्वीकार करते हुए 30 दिन की वैधता वाला रिचार्ज विकल्प उपलब्ध कराने का फैसला किया है। इससे उपभोक्ताओं को हर महीने के हिसाब से रिचार्ज कराने में सुविधा होगी और साल में 13 बार रिचार्ज कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने बताया कि ऐसे ग्राहकों के लिए भी प्रीपेड वॉइस-ओनली प्लान उपलब्ध होंगे, जिन्हें मोबाइल डेटा की जरूरत नहीं है। इन प्लान में ग्राहक केवल इनकमिंग और आउटगोइंग वॉइस सेवाओं के लिए भुगतान कर सकेंगे। राघव चड्ढा के मुताबिक, खासकर ऐसे वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह विकल्प उपयोगी होगा, जो मुख्य रूप से कॉलिंग सुविधा का इस्तेमाल करते हैं और डेटा नहीं चाहते। उनका कहना है कि ग्राहकों को जितनी सेवा की जरूरत है, उन्हें उसी के अनुसार भुगतान करने का विकल्प मिलना चाहिए। राघव चड्ढा ने इसे जनता की मांग को संसद में उठाए जाने और सरकार की ओर से उस पर कार्रवाई किए जाने का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यह रचनात्मक राजनीति का उदाहरण है और आगे भी जनता से जुड़ी समस्याओं को मिलकर हल करने का प्रयास जारी रहेगा।

Leave a Reply

Recent Post