रिपोर्ट : बगहा डेस्क, 28 सितम्बर 2026
लक्ष्मीपुर, चंदरपुर पतिलार समेत सैकड़ों गाँव पर बरपेगा बाढ़ का कहर
रातवल गाँव के लोग पहले हीं बाँध का लिये हैँ सहारा
बेतिया-बगहा मुख्य पथ एनएच 727 पर आवागमन होगा ठप्प
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बगहा, (जगमोहन काजी)। पश्चिमी चंपारण जिला अंतर्गत बगहा के चखनी रजवटीया पंचायत में खैरटवा गांव के समीप गंडक नदी के दबाव की वजह से चंपारण तटबंध सोमवार की देर शाम ध्वस्त हो गया। जिसके बाद आसपास के इलाकों में पानी घुसने लगा है। चम्पारण तटबंध के टूटने से आसपास के गांव से पलायन शुरू हो गया है और लोगों में अफरा-तफरी सी मच गई है।

घटना की सूचना मिलने के बाद अभियंताओं की टीम मौके पर पहुंची है। वहीं मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई है। लिहाजा स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इससे कुछ हीं दूरी पर दो वर्ष पूर्व भी तटबंध का करीब 30 मीटर हिस्सा टूट गया था। जिसकी मरम्मति हुई थी। अब बांध टूटने के बाद इलाके में अफरा तफरी का माहौल है। अमिट लेख को जानकारी देते हुए लागुनाहा निवासी समाजसेवी प्रभाकर राव के अनुसार गंडक में आई उफान से रतवल सरीखे गाँव के लोग अपना-अपना घर-बार छोड़ पहले हीं तटबंध पर आशियाना बना लिये है, लेकिन खैरटवा के समीप चंपारण तटबांध का टूटना इस क्षेत्र में भारी तबाही लाएगा, जिसे नदी के आक्रामक रुख को देखते हुए जबतक सरकारी मशीनरी हरकत में आएगी तबतक सैकड़ों गाँव बाढ़ विभीषिका की बलि वेदी पर भेंट चढ़ सकते हैं..?

सोमवार की सुबह बाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज से रिकॉर्ड 5. 43 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हुआ था जिसके बाद यह स्थिति बनी है। कार्यपालक अभियंता नेमी शरण ने तटबंध टूटने की पुष्टि करते हुए बताया कि अभियंताओं की एक टीम मौके पर पहुंची है और स्थिति का जायजा ले रही है। शीघ्र हीं पानी का बहाव रिहायशी इलाकों में रोकने के लिए कारगर कदम उठाया जाएगा।








