रिपोर्ट : बेतिया डेस्क, 30 सितम्बर 2026
घरेलू कबाड़ के पुनरुपयोग से कचरा कम होने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी होगा महत्वपूर्ण योगदान : गरिमा
स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत नगर निगम प्रशासन ने आयोजित किया “कबाड़ से जुगाड़” कार्यक्रम
प्लास्टिक के बेकार बोतलों से लाइफ सेविंग जैकेट, टेबल लैंप समेत वाटर हार्वेस्टिंग व वैक्यूम क्लीनर जैसे मॉडलों को प्रतियोगी बता महापौर ने की पुरजोर सराहना
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से शुरू स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत बुधवार को बेतिया नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों की रचनात्मक भागीदारी से ‘कबाड़ से जुगाड़’ कार्यक्रम आयोजित किया गया।

राज इंटर कॉलेज, विपिन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, संत जेवियर स्कूल और केआर प्लस टू स्कूल समेत विभिन्न शिक्षण संस्थानों के दर्जनों छात्र-छात्राओं ने बेकार और अनुपयोगी वस्तुओं को उपयोगी रूप देने की अपनी कल्पनाशीलता का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने प्लास्टिक की बेकार बोतलों से बाढ़ जनित आपदा में बचाव के लिए लाइफ सेविंग जैकेट का प्रारूप तैयार किया। इसके अलावा कबाड़ सामग्री से तैयार टेबल लैंप, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, वैक्यूम क्लीनर सहित कई उपयोगी मॉडलों को प्रस्तुत किया गया। इन रचनात्मक नमूनों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और विद्यार्थियों की खूब सराहना हुई। इस अवसर पर नगर निगम की महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने प्रतिभागी बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि कबाड़ को अनुपयोगी समझकर फेंक देने के बजाय उसकी उपयोगिता तलाशना आज की जरूरत है। अनुपयोगी वस्तुओं का पुन: उपयोग और रचनात्मक पुनर्चक्रण न केवल कचरा कम करता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने बच्चों से अपनी रचनात्मक सोच को आगे बढ़ाते हुए समाज में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कबाड़ के पुन: उपयोग, रचनात्मक पुनर्चक्रण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन जागरूकता को बढ़ाने पर आधारित रहा।







