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एक दिवसीय सेमिनार में शिक्षा शास्त्रियों ने दिया व्याख्यान

रिपोर्ट : छपरा डेस्क, 01 अक्टूबर 2026

कॉलेज परिसर में एसटीईएम पार्क का हुआ उद्घाटन

रामाधार सिंह टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में आयोजित सेमिनार में भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ी एसटीईएम शिक्षा पर हुआ मंथन

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

–  अमिट लेख
एकमा, (सारण)। रामाधार सिंह टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, एकमा में गुरुवार को “भारतीय ज्ञान परंपरा के परिप्रेक्ष्य में एसटीईएम (STEAM) शिक्षाशास्त्र” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया।

फोटो : संवाददाता

कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षक-प्रशिक्षुओं को भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक एसटीईएम शिक्षा के बीच संबंध से परिचित कराना तथा रचनात्मक एवं समग्र शिक्षण के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में ज्ञान को केवल पुस्तकीय विषय तक सीमित नहीं माना गया है, बल्कि जीवन, प्रकृति, समाज, कला, विज्ञान, तर्क, गणित और अनुभव से जोड़कर देखा गया है।

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विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, कला और गणित को एक-दूसरे से जोड़कर पढ़ाने से विद्यार्थियों में समस्या समाधान, तार्किक चिंतन, रचनात्मकता, नवाचार और सहयोगात्मक अधिगम की क्षमता विकसित की जा सकती है। कॉलेज के सचिव ई. जयप्रकाश सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि विभिन्न विषयों को एकीकृत कर विद्यार्थियों के लिए अधिक रोचक और प्रभावी शिक्षण वातावरण तैयार किया जा सकता है।

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इस अवसर पर कॉलेज परिसर में एसटीईएम पार्क का उद्घाटन भी किया गया। इसमें विज्ञान, प्रौद्योगिकी और गणित से जुड़ी विभिन्न अवधारणाओं को प्रदर्शित किया गया है। आयोजकों के अनुसार, यह बिहार के शैक्षणिक संस्थानों में शुरू किए गए शुरुआती एसटीईएम पार्कों में शामिल है। सेमिनार को संबोधित करने वाले मुख्य वक्ताओं में प्रो. (डॉ.) रमाकांत मोहाली, एनसीईआरटी, भुवनेश्वर ने अनुभव आधारित शिक्षण को प्रभावी शिक्षाशास्त्र बताया।

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प्रो. (डॉ.) मृगेंद्र कुमार, गणित शिक्षाशास्त्र, आईजीएमसी सहरसा ने एसटीईएम शिक्षा को भारतीय ज्ञान परंपरा के अनुरूप बताया। प्रो. (डॉ.) ज्ञान देवमणि त्रिपाठी, आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय, पटना ने शिक्षक के प्रोत्साहन को प्रेरणादायक शिक्षा का आधार बताया। वहीं प्रो. (डॉ.) विनोद कुमार सिंह, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के संदर्भ में विज्ञान को कला से जोड़कर अध्ययन कराने पर जोर दिया।

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सेमिनार में महाविद्यालय के अनूप कुमार, नागेंद्र कुमार सिंह, हरिशंकर सिंह, अजीत कुमार, ट्रस्टी राजीव कुमार शर्मा, प्रो. सुमन कुमार सिंह, ठाकुर सिंह, शिक्षक कमल सिंह सेंगर, शिक्षाविद अनिल कुमार सिंह, राजनाथ सिंह, राजेश कुमार, पूर्व मुखिया जाकिर हुसैन अंसारी, अमित कुमार, मोतीचंद प्रसाद, संजय कुमार पांडेय, नागेंद्र कुमार आदि अन्य शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी एवं शिक्षक-प्रशिक्षु मौजूद रहे। प्रशिक्षुओं ने भी एसटीईएम आधारित शिक्षण की संभावनाओं पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम का समापन महाविद्यालय के सचिव ई जयप्रकाश सिंह द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

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