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Post: माले नेता स्वदेश भट्टाचार्य के निधन से मर्माहत समाज का वंचित वर्ग शोक को संकल्प में बदलने का लिया संकल्प

माले नेता स्वदेश भट्टाचार्य के निधन से मर्माहत समाज का वंचित वर्ग शोक को संकल्प में बदलने का लिया संकल्प

रिपोर्ट : बेतिया डेस्क, 01 नवम्बर 2026

उनकी स्मृति हमें हमेशा समाज बदलाव का प्रेरणा देती रहेगी : सुनील कुमार राव

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

–  अमिट लेख

बेतिया, (मोहन सिंह)। भाकपा माले संगठन विभाग के प्रमुख व पॉलिट ब्यूरो सदस्य कॉमरेड स्वदेश भट्टाचार्य की मृत्यु से भाकपा माले नेताओं, कार्यकर्ताओं के साथ साथ समाज के शोषित, वंचित व मजदूर काफी मर्माहत है तथा उसके बीच शोक की लहर है।वे अपने प्रिय नेता के खोने से गमगीन है।

फोटो : मोहन सिंह

उक्त बातें कॉमरेड स्वदेश भट्टाचार्य जिन्हें पार्टी प्रतिबंध के दौर में कॉमरेड शंभू जी नाम से पुकारा जाता है की याद में बैरिया में आयोजित सभा में माले नेता सुनील कुमार राव ने कहा। उन्होंने कहा नक्सलबाड़ी विद्रोह के भीषण दमन और प्रथम महासचिव का. चारु मजूमदार की हिरासत में शहादत, कई बुद्धिजीवियों की हत्या के बावजूद भारतीय जनता की मुक्ति के स्वप्न को जीवित रखने और उसे हकीकत में बदल देने के लिए जिन तीन शख्सियतों ने पार्टी को पुनर्संगठित किया, उनमें का. जौहर , जिन्हें दुसरा महासचिव चुना गया की शहादत और का. विनोद मिश्र जिन्हें कॉ.जौहर के शहादत के बाद तीसरा महासचिव चुने गये तथा वर्तमान महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य के चुनाव में भी इन्हीं की भूमिका रही,की असामयिक मृत्यु के बाद सबसे लंबे समय तक अपनी प्राणों से प्रिय पार्टी के विस्तार में अहम भूमिका उन्होंने ही निभाई। इसलिए इन्हें पार्टी का किंग मेकर कहा जाता है क्योंकि जब जब इन्हें पार्टी महासचिव बनाने का प्रस्ताव आया वे स्वयं नहीं बनकर दूसरे को महासचिव बनवाया।भोजपुर में और फिर बिहार में भाकपा माले के विस्तार में का.स्वदेश भट्टाचार्य की महत्त्वपूर्ण भूमिका थी।

बहुत कम लोगों को पता है कि वे बिहार भाकपा माले के राज्य सचिव भी रहे। भोजपुर के बाबू बांध में शहादत का वरण करने वाली का. शीला उनकी बेटी थीं। उन्होंने कहा महाश्वेता देवी के उपन्यास ‘मास्टर साब’ में जो रघु हैं, वे का. स्वदेश भट्टाचार्य उर्फ शंभू जी ही थे। समाज बदलाव की आकांक्षा रखने वाले लोगों को राजनैतिक रूप से जागृत और संगठित करके इतनी बड़ी पार्टी बना दी, इस यकीन को जीवित रखेगा कि किसी भी परिस्थिति में बुनियादी परिवर्तन का कारवां नहीं रुकेगा। कामरेड, आपकी स्मृति हमें सक्रिय, समर्पित और प्रतिबद्ध रखेगी। क्रांतिकारी लाल सलाम! कार्यक्रम को भाकपा माले नेताओं नवीन मुखिया, जोखू चौधरी,अशोक प्रसाद, बिनोद कुशवाहा,रूदल यादव, शिव प्रसन्न मुखिया,धामू चौधरी, हारुन गद्दी,मोजम्मिल हुसैन, मोतीलाल मुखिया, हेमंत साह आदि मौजूद रहकर पुष्प अर्पित किया।

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