रिपोर्ट : बेतिया डेस्क, 01 नवम्बर 2026
नशामुक्त समाज के निर्माण में जीविका दीदियों की पहल, ब्रह्माकुमारी संस्थान ने भी बढ़ाया सहयोग का हाथ
योग, ध्यान और जनजागरूकता से नशामुक्ति का संदेश, जीविका दीदियों ने संभाली कमान
बच्चों और युवाओं को नशे से बचाने का
संकल्प, जीविका दीदियों ने निकाली जागरूकता रैली
शराबबंदी से आगे अब पूर्ण नशामुक्ति की ओर बढ़ते कदम, अभियान में जुटीं जीविका दीदियाँ
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। बिहार में वर्ष 2016 से शराबबंदी कानून लागू होने के साथ ही जीविका दीदियाँ नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
फोटो : मोहन सिंहइस वर्ष भी इस मुहिम को और अधिक व्यापक एवं प्रभावी बनाने के लिए जीविका दीदियाँ पूरे उत्साह और प्रतिबद्धता के साथ जुटी हुई हैं। इस बार अभियान का दायरा केवल शराबबंदी तक सीमित न रहकर पूर्ण नशामुक्ति पर केंद्रित है। इसी क्रम में आज से प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सहयोग से पश्चिम चंपारण जिले के मझौलिया एवं बगहा प्रखंड के सभी संकुल स्तरीय संघों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम के तहत प्रभात फेरी, जनजागरूकता रैली, रंगोली निर्माण एवं सामूहिक शपथ ग्रहण जैसे आयोजन किए गए। जीविका दीदियों ने स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने परिवार, बच्चों, युवाओं तथा आस-पड़ोस के पुरुषों एवं महिलाओं को भी नशे से दूर रखने का संकल्प लिया।
छाया : अमिट लेखइस अभियान में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के कार्यकर्ताओं द्वारा प्रखंडों में विशेष सहयोग प्रदान किया जा रहा है। संस्था के प्रतिनिधियों ने जीविका दीदियों को संबोधित करते हुए बताया कि योग, ध्यान एवं आध्यात्मिक जीवनशैली अपनाने से व्यक्ति में आत्मसंयम, सकारात्मक सोच और दृढ़ इच्छाशक्ति का विकास होता है। इससे नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहने में मदद मिलती है। इस अवसर पर उपस्थित जीविका दीदियों को योग एवं ध्यान का अभ्यास भी कराया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक आर. के. निखिल ने कहा कि इस बार का अभियान केवल शराबबंदी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका लक्ष्य पूर्ण नशामुक्त समाज का निर्माण करना है। इसके अंतर्गत ताड़ी, देशी एवं विदेशी शराब, चरस, गांजा, अफीम, हेरोइन, ब्राउन शुगर, कफ सिरप सहित सभी प्रकार के नशीले पदार्थों के सेवन के विरुद्ध व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने जीविका दीदियों से विशेष रूप से अपील की कि वे अपने बच्चों एवं परिवार के युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें तथा उन्हें किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों से दूर रहने के लिए लगातार प्रेरित करती रहें। उन्होंने यह भी कहा कि नेपाल की सीमा से सटे प्रखंडों में इस अभियान को और अधिक सघन एवं सतर्कतापूर्ण तरीके से जीविका दीदियाँ जिला प्रशासन एवं एसएसबी के जवानों के सहयोग से लगातार चला रही है क्योंकि इन क्षेत्रों में नशे के अवैध कारोबार के साथ-साथ मानव तस्करी जैसी गंभीर सामाजिक चुनौतियों का भी खतरा बना रहता है।उन्होंने जीविका दीदियों से अपील की कि वे अपने सामाजिक प्रभाव और सामुदायिक नेटवर्क का उपयोग करते हुए गांव-गांव तक पूर्ण नशामुक्ति का संदेश पहुंचाएं तथा एक सुरक्षित, स्वस्थ और जागरूक समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। जीविका दीदियों की सामूहिक भागीदारी, ब्रह्माकुमारी संस्थान का आध्यात्मिक मार्गदर्शन और सामुदायिक जागरूकता के प्रयास के लिए जिला परियोजना प्रबंधक ने आभार व्यक्त किया.

