रिपोर्ट : बेतिया डेस्क, 02 नवंबर 2026
नशा मुक्त बिहार अभियान 2026 के तहत जीविका दीदियों को दिया गया प्रशिक्षण
मझौलिया में चार स्थानों पर आयोजित कार्यक्रम में 400 से अधिक जीविका दीदियों ने लिया भाग, नशामुक्त समाज निर्माण का लिया संकल्प
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय एवं बिहार सरकार के आपसी सहयोग एवं सहमति से संचालित “नशा मुक्त बिहार अभियान 2026” के अंतर्गत रविवार को मझौलिया प्रखंड में जीविका दीदियों के विभिन्न संगठनों एवं शाखाओं में विशेष जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके तहत (विजेता, अधिकार, आकाश एवं हरियाली) शाखा के चार अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित हुए, जिसमें 400 से अधिक जीविका दीदियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें राजयोग मेडिटेशन, आध्यात्मिकता एवं सकारात्मक जीवनशैली के माध्यम से स्वयं का सशक्तिकरण करने के लिए प्रेरित करना था। प्रशिक्षण के दौरान ब्रह्माकुमारीज के प्रशिक्षकों ने बताया कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि इसका दुष्प्रभाव पूरे परिवार, बच्चों, सामाजिक वातावरण एवं आर्थिक स्थिति पर भी पड़ता है। नशे की आदत परिवार की खुशहाली, आपसी संबंधों और सामाजिक प्रतिष्ठा को कमजोर करती है। इसलिए नशामुक्ति को केवल व्यक्तिगत प्रयास न मानकर एक सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में स्वीकार करना आवश्यक है।
महिला सशक्तिकरण एवं सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर
कार्यक्रम में जीविका दीदियों को बताया गया कि महिलाएं परिवार एवं समाज की आधारशिला हैं। यदि महिलाएं स्वयं जागरूक, आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी एवं आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनें, तो वे पूरे परिवार और समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती हैं।
इस अवसर पर प्रशिक्षण के माध्यम से चार प्रमुख पहलुओं पर विशेष मार्गदर्शन दिया गया :
1. आर्थिक उन्नति : बचत की आदत, आर्थिक अनुशासन, आत्मनिर्भरता तथा उपलब्ध अवसरों का सदुपयोग करके परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाना।
2. सामाजिक उन्नति : समाज में जागरूकता फैलाना, महिलाओं की सहभागिता बढ़ाना तथा नशामुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाना।
3. व्यवहारिक उन्नति : अपने व्यवहार में मधुरता, धैर्य, सहनशीलता, सकारात्मक सोच एवं आपसी सहयोग की भावना विकसित करना।
4. आध्यात्मिक उन्नति : राजयोग मेडिटेशन के अभ्यास द्वारा मन को शांत, एकाग्र एवं शक्तिशाली बनाना तथा आत्मविश्वास और आत्मसम्मान को बढ़ाना। राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से सभी को यह समझाया गया कि जब व्यक्ति अपने विचारों को सकारात्मक बनाता है और अपनी आंतरिक शक्तियों को पहचानता है, तो जीवन की चुनौतियों का सामना अधिक धैर्य एवं विवेक के साथ कर सकता है।
नशामुक्त बिहार के लिए दिलाई गई सामूहिक शपथ
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी अधिकारियों एवं जीविका दीदियों को नशा मुक्त बिहार अभियान 2026 के अंतर्गत सामूहिक शपथ दिलाई गई। सभी ने संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहेंगे तथा अपने परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। सभी ने यह प्रतिज्ञा की कि नशे के विरुद्ध जागरूकता फैलाकर एक स्वस्थ, संस्कारवान, खुशहाल एवं सशक्त बिहार के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।
ब्रह्माकुमारीज की टीम ने दिया प्रशिक्षण
इस अभियान के अंतर्गत ब्रह्माकुमारीज की ओर से आई प्रशिक्षक टीम में ब्रह्माकुमारी रीना बहन, पुष्पा बहन, काजल बहन, रंजन भाई, गौरव भाई एवं राकेश भाई ने विभिन्न स्थानों पर जीविका दीदियों को नशामुक्ति, राजयोग मेडिटेशन, आध्यात्मिकता एवं महिला सशक्तिकरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। नशामुक्त व्यक्ति से नशामुक्त परिवार, नशामुक्त परिवार से नशामुक्त समाज और नशामुक्त समाज से ही सशक्त एवं खुशहाल बिहार का निर्माण संभव है। इस प्रकार यह अभियान केवल नशे से दूर रहने की अपील तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिलाओं को स्वयं की पहचान, आत्मनिर्भरता, सकारात्मक जीवनशैली एवं आध्यात्मिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देने वाला एक महत्वपूर्ण प्रयास सिद्ध हुआ।

