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Post: पशुपति पारस को संतोष मांझी ने दिया नसीहत

पशुपति पारस को संतोष मांझी ने दिया नसीहत

विशेष ब्यूरो बिहार दिवाकर पाण्डेय की रिपोर्ट :

नरेंद्र मोदी की आंधी में उड़ जाएंगे, इधर-उधर ना करे, पशुपति पारस को संतोष मांझी ने दिया नसीहत

न्यूज डेस्क, राजधानी पटना

दिवाकर पाण्डेय
पटना, (विशेष रिपोर्ट)। लोकसभा चुनाव 2024 के रणभेरी बज गई है। चुनाव आयोग ने सात चरणों की चुनावी तारीखों का ऐलान कर दिया है। बिहार एनडीए में सीट शेयरिंग का फार्मूला लगभग फाइनल है। लेकिन आरएलजेपी के सुप्रीमो पशुपति कुमार पारस सीट बंटवारे से नाराज हैं। इस पर जीतन राम मांझी के बेटे और नीतीश सरकार के मंत्री संतोष सुमन ने उन्हें बड़ी नसीहत दी है। राम विलास पासवान के बेटे और भतीजा चिराग पासवान को पांच सीट और उन्हें राज्यसभा का ऑफर दिए जाने से पारस नाराज हैं।शनिवार को संतोष सुमन ने कहा कि पशुपति पारस एनडीए में बने रहेंगे तो उनका भला होगा। अगर इधर-उधर करेंगे तो नरेंद्र मोदी की आंधी में उड़कर कहां चले जाएंगे इसका पता भी नहीं चलेगा। एनडीए गठबंधन पशुपति पारस के बारे में अच्छा सोच रखती है। उन्हें हाजीपुर सीट का मोह छोड़ देना चाहिए क्योंकि राजनीति में जनता की सेवा करना ही नेताओं का फर्ज होता है। सुमन ने दावा किया कि फिलहाल एनडीए से बेहतर कोई भी गठबंधन जनता के हित में काम नहीं कर रहा है। कहा कि आरएलजेपी धैर्य के साथ एनडीए गठबंधन में बनी रहे तो उनका अच्छा होगा। संतोष सुमन ने कहा कि लोकसभा चुनाव की घोषणा हो गई है। एनडीए पहले से ही क्षेत्र में काम कर रही है। बिहार की सभी 40 सीटों पर हमारे गठबंधन के उम्मीदवारों की जीत होगी। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी देश के सर्वमान्य नेता हैं। दूसरा कोई विकल्प नहीं है।विरोधी घट में नेतृत्व का आभाव है। उनके नेताओं को आपस में ही विश्वास नहीं है। दरअसल लोकसभा चुनाव 2024 में आरएलजेपी को एक भी सीट नहीं दिए जाने का खबर से पशुपति पारस का कुनवा नाराज है। संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद उन्होंने कहा था कि बीजेपी अपने सबसे ईमानदार साथी के साथ अन्याय कर रही है। भाजपा ने फैसला नहीं बदला तो हमारे सभी विकल्प खुले हैं। उन्होंने हाजीपुर सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान भी कर दिया जहां से चिराग पासवान अड़े हैं। इस बीच पारस के एक और सांसद महबूब अली कैसर चिराग खेमे में शामिल हो चुके है। बताते चलें कि बिहार मे सात चरणों में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं। पहले फेज की वोटिंग 19 अप्रैल को होगी जबकि सातवें चरण में पहली जून को वोटर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चार जून को काउन्टिंग के बाद नतीजों की घोषणा होगी। देश की 17वीं लोकसभा की मियाद 16 जून को पूरी होने वाली है। उससे पहले नई सरकार आकार ले लेगी।

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