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वीटीआर जंगल में दर्जनों सांपों की प्रजातियों में 5 नए प्रजातियों को चिन्हित किया गया

जिला ब्यूरो नसीम खान “क्या” की रिपोर्ट :

परिस्थिति तंत्र पर्यावरण संरक्षण व पर्यावरण बैलेंस के जरूरी, विश्व सर्प दिवस : अभिषेक

न्यूज़ डेस्क, बगहा पुलिस जिला 

नसीम खान “क्या”

– अमिट लेख

बगहा, (ए.एल.न्यूज़)। वीटीआर जंगली जीवों की विविधताओं से भरा पड़ा है। अद्भुत और अविश्वसनीय जीवो के परिवेश में सांपों को लेकर एक्सपर्टों की अपनी राय है।

फोटो : नसीम खान “क्या”

बतादें की बिहार के इकलौते वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में दर्जनों सांप की प्रजातियां पाई जाती हैं। विगत कुछ वर्षों में वाइल्ड लाइफ ऑफ इंडिया और वन विभाग ने तकरीबन 5 नए प्रजाति के सांपों को चिन्हित किया है जो वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के अलावा बिहार के किसी अन्य जिलों में नहीं देखे गए हैं। इन सांपों का नाम कॉपर हेडेड त्रिंकेट या वनसुंदरी, ट्विन स्पॉटेड वोल्फ स्नैक, द्रुमलिएस ब्लैक हेडेड, मॉक वाईपर, सालाजार स्नैक पिट वाईपर है। सुखद खबर यह है की ये पांचों सांप नॉन वेनोमस यानी विष हीन यानी जहरीले नहीं हैं।
वहीं वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में जहरीले सांपों की बात करें तो किंग कोबरा, स्पेक्टिकल कोबरा, यानी गेहुअन रसेल वाइपर, करैत और बाम्बू पिट वाइपर प्रमुख पांच प्रजाति के बेहद जहरीले सांप पाए जाते हैं जिनके काटने या डंसने से समुचित इलाज के अभाव में तत्काल मृत्यु हो जाती है।

न्यूज यानी नेचर एनवायरनमेंट वाइल्ड लाइफ सोसायटी के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिषेक बताते हैं की वाल्मीकि टाइगर रिजर्व सांपों के हॉट स्पॉट के रूप में उभरा है। यहां पहली बार बर्मीज पायथन देखने को मिला। इसके अलावा वनसुंदरी,ट्विन स्पॉटेड वोल्फ स्नैक, दृमिलिएस ब्लैक हेडेड,मॉक वाईपर,सालाजार पिट वाईपर पाए गए। अभिषेक ने बताया की इसमें से कोई भी सांप जहरीला नहीं है। क्योंकि भारत में बिग फोर की श्रेणी में महज चार सांप आते हैं जो बेहद जहरीला होते हैं। इसमें से एक बिहार में नहीं पाया जाता। ये चार जहरीले सांप क्रमशः बिग फोर स्पेक्टिकल कोबरा,रसेल वाइपर,कैरत,सॉ सकेल वाईपर है। इनमें से सॉ सकेल वाइपर बिहार में नहीं पाया जाता है।
बतादें की वीटीआर में बड़े पैमाने पर अजगर, गेहुअन, करैत, रसेल वाइपर, किंग कोबरा, वन सुंदरी और तक्षक नाग देखे जाते हैं। ये सांप अमूमन रिहायशी इलाकों में लोगों के घरों तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में न्यूज के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिषेक का कहना है की सांपों को मारे नहीं और ना ही उनके साथ छेड़ छाड़ करें। सांप तभी हमलावर होते हैं जब उन्हें किसी से खतरे का आभास होता है। साथ ही यदि सांप काट ले तो झाड़ फूंक की बजाय तत्काल नजदीकी अस्पताल में जाकर इलाज कराएं। अभिषेक ने विश्व सर्प दिवस पर लोगों को जागरूक करते हुए कहा की सांप परिस्थिति तंत्र के लिए बहुत जरूरी हैं। इनसे पर्यावरण संरक्षण और पर्यावरण को बैलेंस रखने में मदद मिलती है।

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