बेतिया से उप-संपादक का चश्मा :
भाकपा माले ने किया जिला समाहर्ता के समक्ष प्रदर्शन
मछुआरों का नाव, जाल छीनने और सभी मुकदमा वापस लेने की मांग
न्यूज़ डेस्क, जिला पश्चिम चंपारण
मोहन सिंह
– अमिट लेख
बेतिया, (ए.एल.न्यूज़)। मछुआरों का नाव, जाल छीनने और सभी मुकदमा वापस लेने, ऐतिहासिक सरेया मन में मछुआरों के मछली मारने-छोड़ने के परंपरागत अधिकार बहाल की मांग पर जिला अधिकारी के समक्ष प्रदर्शन किया। भाकपा माले और सरेया मन बचाओ- मछूआरा अधिकार बचाओ संघर्ष समिति के संयुक्त बैनर से शहीद पार्क से जूलूस मुख्य मार्ग से होतें हुए समाहर्ता के समक्ष प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए भाकपा माले जिला कमिटी सदस्य सुनील कुमार राव ने कहा कि सदियों से मछुआरा समुदाय का नदी-नाला, जल-जंगल जमीन पर परंपरागत अधिकार है और उसी अधिकार के तहत मछली मारकर अपना जीविका चलाते आ रहें है। दुसरा कोई रोजी-रोजगार नहीं है। भाजपा-जद (यू०) की नीतिश-मोदी की सरकार बैरिया प्रखण्ड अर्न्तगत ऐतिहासिक सरेया मन जहां सबसे मीठा मछली मिलता है, जिसकी सबसे अधिक मांग देश-दुनिया में है। उस सरेया मन के अस्तित्व को समाप्त कर पक्षी विहार बनाने के नाम पर मछुआ समुदाय के मछली मारने के अधिकारों को समाप्त कर दिया है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाऐगा। माले नेता सह बैरिया मुखिया संघ प्रखण्ड अध्यक्ष नविन कुमार ने कहा कि करीब 100 से भी अधिक नाव, जाल को जबरन जप्त कर लिया गया है।

मछुआरें अपने नाव, जाल और मछली पकड़ने के अन्य औजार लेकर मछली मारने सरेया मन में जाते है तो उसे वन विभाग जबरन छीन ले रहा है और जुल्म का इंतहा तो यह है कि हमारे दो मछुआ भाइयों नंदलाल चौधरी एवं महेन्द्र चौधरी को जेल तक भेज दिया है, उन्हें तत्काल बिना शर्त रिहा करने की मांग किया। सरेया मन बताओ, मछूआरा अधिकार बताओ संघर्ष समिति अध्यक्ष बाली चौधरी ने कहा कि नीतीश सरकार मछूआरा लोगों को रोज ब रोज नोटिश भेजकर तबाह परेशान किया जा रहा है। नदी के किनारे बंधे नाव भी जबरन जप्त कर लिया जा रहा है। सैकड़ों लोगों पर किया गया झूठा मुकदमा वापस लेने और मछुआरों को सरेया मन में मछली मारने का अधिकार बहाल करने की मांग किया। मत्स्य जीवी सहयोग समिति के प्रखण्ड मंत्री असीम चौधरी ने कहा कि सरेया मन हमारे बाप-दादाओं-परदादाओं के दौर से मछली मारकर अपना रोजी-रोटी चलाते थे अब वहीं अपना नदी- नाला, जल-जमीन-जंगल अपने ही गांव में विदेशी भूमि जैसा बन गया है। अंग्रेजों ने जो काम नहीं किया वह काम मोदी – नीतीश की सरकार कर रहीं है। भाकपा माले नेता सुरेन्द्र चौधरी ने कहा कि इस समस्या को लेकर पूर्व वन व पर्यावरण मंत्री व भाजपा नेता रामचन्द्र सहनी, पूर्व पर्यटन मंत्री व भाजपा नेता नारायण प्रसाद, वर्त्तमान मत्स्य एवं पशु पालन मंत्री रेणु देवी समेत भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व सांसद संजय जायसवाल तक से गुहार लगा चुके हैं, मगर समस्या हल करने के बदले मछुआरों पर मुकदमा दर्ज कराने में ही दिलचस्पी देखने को मिल रहा है, अगामी विधानसभा चुनाव में जनता सबक सिखाने का काम करेगी। इनके अलावा सुग्रीव चौधरी,अशोक मुखिया, मनोज चौधरी, राघव चौधरी, योगेन्द्र चौधरी, मंगल चौधरी, शम्भू चौधरी, जोखू चौधरी, जयप्रकाश चौधरी, भरत शर्मा, महेन्द्र राम, सोना लाल पासवान, अशर्फी राम, इंकलाबी नौजवान सभा जिला अध्यक्ष फरहान राजा, जवाहर प्रसाद, संजय यादव आदि ने सभा को संबोधित किया। अंत में सरेया मन में मछली पकड़ने और पालन के परंपरागत अधिकार बहाल करने, अपने तमाम नावों, मछली पकड़ने वाले जालों, अब तक हुए मुकदमों को वापस करने और अपने आदिवासी आरक्षण की मांगों से सम्बन्धित स्मार पत्र जिला अधिकारी से मिल कर दिया।








