पटना से हमारे विशेष संवाददाता की रिपोर्ट :
नीतीश कुमार के बेटे निशांत और उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक का एंट्री तय! चुनावी गणित अब और हुई रोचक
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
पटना, (दिवाकर पाण्डेय)। राजनीतिक गलियारों में अब विधान परिषद चुनाव की सियासी गरमी चरम पर पहुँच गई है। राज्यसभा चुनाव के बाद अब विधानसभा कोटे से विधान परिषद के लिए मंच सजने लगा है। पॉलिटिकल पार्टियां अपने चुनावी गुणा-गणित में जुट चुकी हैं और हर सीट पर राजनीतिक शतरंज की रणनीति बनाई जा रही है। सूत्रों की मानें तो महागठबंधन को 2 सीटों का नुकसान हो सकता है, जबकि तेजस्वी यादव और लोजपा का खाता खुलना भी संभावित है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, नई सरकार के गठन के तुरंत बाद विधानसभा कोटे से विधान परिषद के चुनाव की घोषणा की जाएगी। चुनाव संभवतः अप्रैल के आखिरी सप्ताह या मई के पहले सप्ताह में संपन्न होंगे। इस बार सियासी नज़रें खासतौर पर सीएम नीतीश कुमारकी खाली हुई सीट पर हैं, जहां उनके बेटे निशांत कुमार का विधान परिषद जाना लगभग तय माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि उन्हें नई सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने वाली है। चुनावी गणित के लिहाज़ से बीजेपी के मंगल पांडेय की सीट पर उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश विधान परिषद जा सकते हैं। फिलहाल वे किसी सदन के सदस्य नहीं हैं, लेकिन सरकार में मंत्री पद पर हैं।
अगर फॉर्मूले के मुताबिक देखा जाए, तो जदयू को 4, बीजेपी को 3, RLM को 1 और RJD को 1 सीट मिल सकती है। इसके अलावा LJP(R) का भी जून में विधान परिषद में खाता खुल सकता है। 28 जून 2026 को कुल 9 सीटें खाली हो रही हैं, जिनमें राजद की 2, जदयू की 3, कांग्रेस और बीजेपी की 1-1 सीट शामिल है। इन सीटों पर उम्मीदवारों के नाम पहले से चर्चा में हैं राजद से मोहम्मद फारुक और सुनील कुमार सिंह, जदयू से गुलाम गौस, भीष्म सहनी और कुमुद वर्मा, बीजेपी से संजय मयूख और कांग्रेस से समीर कुमार सिंह। इसके अलावा 2 सीटें पहले से खाली हैं बीजेपी के सम्राट चौधरी और जदयू के भगवान सिंह कुशवाहा।इसके साथ ही तीन सीटों के उप-चुनाव भी होने हैं, जिनमें CM नीतीश कुमार और बीजेपी लीडर मंगल पांडेय की विधानसभा कोटे की सीटें शामिल हैं। जदयू के राधा चरण सेठ की स्थानीय प्राधिकरण कोटे की सीट भी उप-चुनाव में जाएगी। इस पूरे सियासी खेल में हर दल अपनी कुशल रणनीति और गठबंधन की ताकत पर भरोसा कर रहा है। अब देखना यह है कि कौन अपनी चाल से विजय पताका लहराएगा और कौन पीछे रह जाएगा।








