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घायल चीतल का सफल रेस्क्यू, 22वीं वाहिनी की सतर्कता से बची जान

महराजगंज से हमारे जिला ब्यूरो की रिपोर्ट : 

कुत्तों के हमले में घायल चीतल को एसएसबी झुलनीपुर की टीम ने सुरक्षित निकालकर वन विभाग को सौंपा

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

– अमिट लेख
महराजगंज, (तैयब अली चिश्ती)। जनपद के भारत-नेपाल सीमा पर स्थित एसएसबी 22वीं वाहिनी, बीओपी झुलनीपुर के कार्यक्षेत्र में समवाय झुलनीपुर की टीम ने एक घायल चीतल का सफल रेस्क्यू कर उसकी जान बचाने का सराहनीय कार्य किया है।

एसएसबी झूलनीपुर ने बचायी घायल हिरण की जान

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 13 अप्रैल 2026 को आसूचना शाखा को सूचना मिली कि दर्ज़निया जंगल की ओर से एक चीतल निकलकर आबादी की तरफ आ गया है, जिस पर जंगली कुत्तों ने हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया है। सूचना मिलते ही ‘ई’ समवाय प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार पाण्डेय ने तत्परता दिखाते हुए एक टीम का गठन किया और तुरंत सीमावर्ती क्षेत्र के लिए रवाना किया।

खोजबीन के दौरान सीमा स्तम्भ संख्या-501 से लगभग एक किलोमीटर पूर्व स्थित बम्बू झाड़ी पोस्ट के पास, नो-मैन्स लैंड से करीब 25 मीटर भारतीय क्षेत्र में चीतल घायल अवस्था में झाड़ियों में छिपा मिला। चीतल के शरीर और पैरों पर कई गहरे घाव थे और लगातार खून बह रहा था। टीम ने बिना देर किए उसे जंगली कुत्तों के खतरे से सुरक्षित निकालकर अपने कब्जे में लिया। इसके बाद समवाय में मौजूद मेडिक्स द्वारा उसका तत्काल प्राथमिक उपचार किया गया। घटना की सूचना वन विभाग निचलौल को दी गई। आवश्यक कार्रवाई के तहत चीतल को सरकारी वाहन से समवाय मुख्यालय लाया गया और बाद में वन विभाग को सुपुर्द कर दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में समवाय झुलनीपुर की टीम की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है।

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