बेतिया से उप-संपादक का चश्मा :
कटावरोधी कार्य एवं बांध मरम्मति का कार्य पूरी गुणवत्ता और मानक के अनुरूप कराएं
बाढ़ राहत केन्द्र एवं सामुदायिक रसोई की तैयारी समय पर पूरी करें
नाव निबंधन-एकरारनामा, राहत सामग्री एवं बचाव संसाधन हर हाल में तैयार रखें
बाढ़ पूर्व सभी संसाधनों की फंक्शनालिटी जांच लें अधिकारी
अग्निकांड पीड़ितों को सहायता राशि भुगतान में देरी बर्दाश्त नहीं
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। संभावित बाढ़ आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं सजग हो गया है। जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि विभागीय एसओपी के अनुरूप सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं, ताकि किसी भी विषम परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई कर जान-माल की क्षति को न्यूनतम किया जा सके।समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित समीक्षात्मक बैठक में जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं कार्यपालक अभियंताओं को निर्देशित करते हुए कहा कि कटावरोधी कार्य एवं बांध मरम्मति का कार्य पूरी गुणवत्ता और मानक के अनुरूप होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सभी कार्यपालक अभियंता नियमित रूप से स्थलों का निरीक्षण कर कार्यों की मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें, ताकि बाढ़ के दौरान किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। बैठक में अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि नावों का निबंधन एवं एकरारनामा हर हाल में 15 मई तक पूर्ण करा लिया जाए। साथ ही जिन अंचलों में नाव परिचालन से संबंधित भुगतान लंबित हैं, उनका अविलंब निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। जिला पदाधिकारी ने गोताखोरों तथा राहत एवं बचाव दल की तैयारी का भी विस्तृत वर्कआउट करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सामुदायिक रसोई एवं बाढ़ राहत केन्द्रों के संचालन से संबंधित सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएं। राहत केन्द्रों एवं सामुदायिक रसोई के लिए चयनित स्थलों का भौतिक सत्यापन कर स्थानीय स्तर पर समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध करायी जा सके।जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को लाईफ जैकेट, महाजाल, मोटरबोट, सैटेलाईट फोन, पॉलीथिन शीट्स सहित अन्य आवश्यक सामग्रियों का आकलन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता हो तो विभाग को तुरंत अधियाचना भेजकर उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करायी जाए। साथ ही वेयरहाउस में सुरक्षित रखी गयी बाढ़ राहत सामग्रियों की कार्यक्षमता की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया।उन्होंने एसडीआरएफ को अपने सभी संसाधनों के साथ पूरी तरह अपडेट रहने तथा उपकरणों की फंक्शनालिटी की जांच करने का निर्देश दिया। वहीं अग्निकांड से प्रभावित परिवारों को सरकार द्वारा निर्धारित सभी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया गया। जिला पदाधिकारी ने कहा कि प्रभावित परिवारों को सहायता राशि भुगतान में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। यदि कहीं भुगतान लंबित है तो तत्काल कार्रवाई करते हुए उसका निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने सम्पूर्ति पोर्टल के अद्यतन, लाभुकों के सत्यापन तथा संबंधित अभिलेखों के संधारण का निर्देश दिया। बैठक में पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि पीएचईडी द्वारा सरकारी चापाकलों को सुचारू रखने हेतु चापाकल मरम्मति दल को सक्रिय किया गया है। यदि कहीं चापाकल खराब या अवरुद्ध हो तो उसकी सूचना तत्काल मरम्मति दल को दी जाए, ताकि जलापूर्ति बाधित न हो। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले मरम्मति दल के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में अपर समाहर्ता राजीव रंजन सिन्हा, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन अमरेन्द्र कुमार, प्रभारी पदाधिकारी आपदा प्रबंधन शाखा श्रीमती नगमा तबस्सुम सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कार्यपालक अभियंता उपस्थित रहे।








