बेतिया से उप-संपादक का चश्मा :
निरीक्षण के दौरान यह जानकारी दी गई कि बेतिया राज की जितनी भी परिसंपत्तियां हैं, उनकी खोज और पहचान का कार्य लगातार किया जा रहा है
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। बेतिया राज कार्यालय का बिहार सरकार के राजस्व पर्षद की अपर सदस्या आसमा जैन द्वारा निरीक्षण किया गया।

इस दौरान उन्होंने बेतिया राज, जो वर्तमान में कोर्ट ऑफ वार्ड्स के अधीन है, उसकी परिसंपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान यह जानकारी दी गई कि बेतिया राज की जितनी भी परिसंपत्तियां हैं, उनकी खोज और पहचान का कार्य लगातार किया जा रहा है, ताकि सभी संपत्तियों का सही रिकॉर्ड तैयार किया जा सके। अपर सदस्या आसमा जैन ने कार्यालय में चल रहे दस्तावेजों के डिजिटाइजेशन और स्कैनिंग कार्य का भी जायजा लिया।

उन्होंने स्कैनिंग रूम का निरीक्षण कर वहां हो रहे कार्यों को देखा और संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। साथ ही रिकॉर्ड रूम में रखे पुराने और महत्वपूर्ण दस्तावेजों की भी जांच की गई। निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों को सुरक्षित रखने और उन्हें डिजिटल माध्यम में संरक्षित करने की प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया गया। इस मौके पर पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी तरनजोत सिंह और पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने अपर सदस्या को चल रहे कार्यों की प्रगति से अवगत कराया। पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने बताया कि बेतिया राज के दस्तावेजों की स्कैनिंग और डिजिटाइजेशन का कार्य तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार राजस्व पर्षद की अपर सदस्या आसमा जैन ने कार्यों का अवलोकन करते हुए यह निर्देश दिया है कि दस्तावेजों की स्कैनिंग और डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया पूरी गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पुराने दस्तावेज ऐतिहासिक और प्रशासनिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण हैं, इसलिए उन्हें सुरक्षित रखना आवश्यक है। डिजिटाइजेशन के माध्यम से इन दस्तावेजों को भविष्य के लिए संरक्षित किया जा सकेगा और जरूरत पड़ने पर आसानी से उपलब्ध कराया जा सकेगा। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने यह भरोसा दिलाया कि सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप समय पर पूरे किए जाएंगे। बेतिया राज की परिसंपत्तियों और रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने की दिशा में यह पहल काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।








