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25 की पार्षद के साथ दो दर्जन पार्षदगण के वोट करने से रद्द हो गई लाखों की योजना : गरिमा

बेतिया से उप-संपादक का चश्मा : 

नाला पक्कीकरण के विरोध में बोर्ड की बैठक में वार्ड 25 की पार्षद के साथ दो दर्जन पार्षदगण ने किया घा वोट 

हरिवाटिका चौक से आरएलएसवाई कॉलेज रोड के मोड़ पर एवं शिव मंदिर के सामने खतरनाक कच्चे नाले का गुरुवार की रात कार गिरने के बाद लोगों के बवेला पर बोलीं महापौर

पब्लिक डिमांड पर महापौर के प्रस्ताव को 29 अप्रैल 2025 को ही प्रशासनिक स्वीकृति प्रदत्त योजना पर स्थानीय वार्ड 25 की पार्षद के विरोध के समर्थन पर बहुमत के पार्षदगण ने योजना रोकने हेतु डाला वोट

केवल स्थानीय नगर पार्षद 25 द्वारा चयनित योजना को बोर्ड से पारित करने की सेटिंग गेटिंग से वर्षों से फंसी हैं नगर निगम क्षेत्र की आवश्यक विकास योजनाएं

बिहार नगर पालिका अधिनियम में बोर्ड और बहुमत के सर्वोपरि होने से अपना पद का केवल वैधानिक महत्व होने को महापौर ने बताया शहरी विकास के लिए बड़ा दुर्भाग्य

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

– अमिट लेख

बेतिया, (मोहन सिंह)। नगर के हरिवाटिका चौक से आरएलएसवाई कॉलेज रोड मोड़ पर और हरिवाटिका शिव मंदिर के सामने के कच्चे नाले में कार गिरने के बाद यात्रियों और स्थानीय लोगों के बवेला मचाए जाने पर महापौर गरिमा देवी सिकारिया द्वारा घटना पर लोगों के आक्रोश को सही बताते हुए इस खतरनाक नाले के कच्चा रह जाने के कारणों का खुलासा किया है।

फोटो : मोहन सिंह

महापौर श्रीमती सिकारिया ने बताया कि स्थानीय पब्लिक के उनसे किए गए डिमांड के आधार पर प्रस्तुत संबंधित प्रस्ताव को नगर निगम बोर्ड द्वारा बीते साल 29 अप्रैल 2025 को ही पारित कर दिया था। लेकिन स्थानीय वार्ड 25 की पार्षद रूही सिंह ने 30 अप्रैल 2026 की बोर्ड की बैठक में ही हंगामा कर पब्लिक मांग पर महापौर गरिमा देवी सिकारिया द्वारा इस योजना के लेने का विरोध किया। तब इस योजना को रखने या हटाने के लिए बोर्ड की बैठक में ही वोटिंग कराई गई। जिसमें नाला पक्कीकरण के समर्थन में रोहित सिकारिया सहित मात्र 9 ने समर्थन और नाला पक्कीकरण के विरोध में कर रहीं स्थानीय पार्षद रूही सिंह के समर्थन में 23 अन्य यानि कुल 24 पार्षद गण ने मतदान करने से इस महत्वपूर्ण रोड के मुख्य नाला के पक्कीकरण की योजना पूर्व में प्रशासनिक स्वीकृति के बावजूद रद्द हो गई। महापौर श्रीमती सिकारिया ने बताया बिहार नगरपालिका अधिनियम के प्रावधान का हवाला देते हुए बताया कि महापौर का पद केवल वैधानिक रूप से ही महत्वपूर्ण है। क्योंकि कानून में नगर पार्षदगण का बोर्ड और उनका बहुमत ही सर्वोपरि होता है। जबकि उक्त कुछ पार्षद केवल अपने पसंद की ही योजना चाहते और लाते हैं, उनका भी सेटिंग गेटिंग चलता रहे इस लिए गलत काम में एकजुट होकर कुछेक पार्षद महापौर के विरोध में उतर आते हैं। महापौर श्रीमती सिकारिया ने बताया कि यह योजना तो मात्र एक नगर निगम बोर्ड के स्याह गठजोड़ का एक सामयिक उदाहरण भर है। उनकी तरह ईमानदार और लोकप्रिय महापौर को जनता के द्वारा आए हुए जन शिकायत पर एक रुपए की भी खर्च का केवल स्वयं के निर्णय पर वैधानिक अधिकार नहीं है। उन्होंने बताया कि अब नए प्रावधान के तहत सशक्त स्थायी समिति का भी चुनाव भी नगर पार्षद ही करेंगे। उन्होंने अपनी लाचारी व्यक्त करते हुए हरिवाटिका मोड़ का मुख्य नाला कच्चा नाला रह जाने के लिए स्थानीय जनता से क्षमा याचना की है। मां पर गरिमा देवी सिकारिया ने कहा है कि इस योजना को लोगों की परेशानी को बताते हुए पुनः नगर निगम बोर्ड के समक्ष पारित करने हेतु रखेंगी।

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