छपरा से हमारे उप संपादक का संकलन :
सोमवार तक रास्ता नहीं खुला तो होगी धान की रोपाई
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
विशेष संवाददाता
छपरा (सारण), परवेज अख्तर। शोधार्थी संगठन (आरएसए) ने जयप्रकाश विश्वविद्यालय प्रशासन पर छात्रों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा की अनदेखी का आरोप लगाते हुए मुख्य प्रवेश द्वार की व्यवस्था पर कड़ी आपत्ति जताई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सोमवार तक मुख्य गेट के पक्के (ढलाई) वाले मार्ग का ताला नहीं खोला गया, तो विश्वविद्यालय परिसर में प्रतीकात्मक धान रोपाई आंदोलन किया जाएगा। आरएसए के अनुसार, लगातार हो रही बारिश के कारण विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार का कच्चा मार्ग कीचड़, कचरे और जलजमाव से पूरी तरह दलदल में तब्दील हो गया है।
इसके बावजूद पक्के मार्ग पर ताला लगाए जाने से छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को मजबूरन कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ रहा है। संगठन का कहना है कि प्रतिदिन कई छात्र-छात्राएं और कर्मचारी फिसलकर गिर रहे हैं। लोगों के कपड़े खराब हो रहे हैं तथा दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन समस्या के समाधान की दिशा में कोई पहल नहीं कर रहा है। आरएसए के नेता गुलशन यादव एवं उज्ज्वल सिंह ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि जब सुरक्षित एवं पक्का मार्ग उपलब्ध है, तब उस पर ताला लगाकर लोगों को असुविधाजनक और जोखिम भरे रास्ते से गुजरने के लिए विवश करना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल पक्के मार्ग का ताला खोलकर आवागमन सामान्य करने की मांग की।आरएसए ने चेतावनी दी कि यदि सोमवार तक मांग पूरी नहीं हुई, तो संगठन विश्वविद्यालय परिसर में बंद पड़े उसी पक्के मार्ग पर प्रतीकात्मक धान रोपाई कर विरोध दर्ज कराएगा। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र, शोधार्थी एवं संगठन के कार्यकर्ता शामिल होंगे। इस संबंध में छात्र नेता विकास सिंह सेंगर ने बताया है कि संगठन ने यह भी कहा कि यदि इसके बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन नहीं चेता, तो चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।







