विशेष ब्यूरो पटना की रिपोर्ट :
सुगौली में बांध दरका तो कटिहार के गांव में घुसा गंगा का पानी, दिखने लगा बिहार में बाढ़ का रौद्र रूप
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
पटना, (दिवाकर पाण्डेय)। बिहार के पूर्वी चम्पारण जिला अंतर्गत सुगौली प्रखंड के लालपरसा धुमनी टोला में सिकरहना नदी पर बने बांध की मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लगातार तीन-चार दिनों की बारिश के बाद बांध के कई हिस्सों में दरारें और मिट्टी धंसने की शिकायत सामने आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद निर्माण कार्य में भारी लापरवाही बरती गई और बाढ़ से पहले ही बांध जवाब देने लगा है। जो बांध कम दिखता है और पगडंडी का आर ज्यादा दिखाई दे रहा है। ना ही चौड़ाई और ना ही उंचाई की गई है। ग्रामीण प्रदीप कुमार और मेघन सहनी का कहना है कि पिछले आठ वर्षों से बाढ़ की तबाही झेल रहे हैं। इस बार नए बांध से सुरक्षा की उम्मीद थी, लेकिन मौजूदा हालात ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। उधर सिकरहना नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी देखी गई है और बाढ़ का पानी धीरे-धीरे निर्माण कराए गये पायलिंग के ऊपर तक पानी पहुंचने लगा है। कटिहार के मनिहारी प्रखंड की धुरियाही पंचायत में गंगा का कटाव लगातार भयावह होता जा रहा है। गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी के साथ कटाव ने रफ्तार पकड़ ली है, जिससे कई गांवों के अस्तित्व पर संकट गहरा गया है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीण अपने घरों को स्वयं तोड़कर ट्रैक्टरों पर सामान लाद सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं।
धुरियाही पंचायत में लगातार कटाव :
कटिहार के मनिहारी प्रखंड के धुरियाही पंचायत के मुखिया राजकुमार मंडल ने कहा कि पंचायत के चार से पांच वार्ड कटाव से गंभीर स्थिति में है । अब तक कई परिवार पलायन कर चुके हैं, जबकि हजारों एकड़ कृषि उपजाऊ भूमि गंगा में समाता जा रहा है , उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र स्थायी कटाव विरोधी कार्य नहीं चलाया गया तो पूरी धुरियाही पंचायत के अस्तित्व पर संकट में पड़ सकता है और खेत के साथ बचे हुए घर में गंगा में समा जायेंगे।








