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सहरसा : पूजा का प्रसाद खाते ही बिगड़ी 100 से ज्यादा लोगों की तबीयत

रिपोर्ट : विशेष ब्यूरो, पटना 

गांव में मची अफरातफरी, उल्टी-दस्त से हड़कंप

बीमार होने वालों में महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल है

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

– अमिट लेख
पटना, (दिवाकर पाण्डेय)। सहरसा जिले के सिमरीबख्तियारपुर प्रखंड के सरडीहा गांव में सत्यनारायण भगवान की पूजा का प्रसाद खाने के बाद 100 से अधिक लोगों के बीमार पड़ने का मामला सामने आया है। एक साथ बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत बिगड़ने के बाद गांव में अफरातफरी मच गई। बीमार होने वालों में महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल है। कई लोगों को उल्टी और दस्त की शिकायत हुई, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव में भेजा गया। मामला सरडीहा पंचायत के सरडीहा गांव स्थित मध्य टोला का है। यहां एक व्यक्ति के घर पर सत्यनारायण भगवान की पूजा का आयोजन किया गया था। पूजा के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने महाप्रसाद ग्रहण किया। प्रसाद खाने के अगले दिन से ही कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। शुरुआत में ग्रामीणों ने इसे सामान्य बीमारी समझा और अपने स्तर से इलाज कराना शुरू कर दिया। लेकिन धीरे-धीरे उल्टी और दस्त की शिकायत वाले लोगों की संख्या बढ़ती चली गई। तीन दिनों के भीतर गांव के कई परिवारों के लोग बीमार पड़ गए। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने से ग्रामीणों के बीच चिंता बढ़ गई। ग्रामीणों के अनुसार, देखते ही देखते टोले के अधिकांश घरों में लोगों की तबीयत खराब होने लगी। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों में उल्टी-दस्त की शिकायत सामने आने लगी। कई परिवारों में एक से अधिक सदस्य बीमार पड़ गए। इसके बाद गांव में लोगों के बीच दहशत का माहौल बन गया।
बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने की सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ। मेडिकल टीम गांव पहुंची और बीमार लोगों की जांच कर इलाज शुरू किया। स्वास्थ्य  विभाग की टीम ने प्रभावित लोगों की स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई। गांव पहुंची मेडिकल टीम के अनुसार, फिलहाल बीमार सभी लोग खतरे से बाहर हैं और स्थिति नियंत्रण में है। स्वास्थ्य कर्मियों की ओर से मरीजों की निगरानी की जा रही है। ग्रामीणों को भी स्वास्थ्य संबंधी जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पूजा के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने एक ही जगह का प्रसाद ग्रहण किया था। इसके बाद अलग-अलग परिवारों में लोगों की तबीयत खराब होने लगी। इसी वजह से प्रसाद को लेकर ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, लोगों के बीमार पड़ने की वास्तविक वजह क्या है, यह अभी स्पष्ट नहीं है. स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और बीमार लोगों की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।

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