इंडो-नेपाल बॉर्डर से हमारे न्यूज़ ब्यूरो की रिपोर्ट :
दुकानदार ने सूझबूझ से किया सुरक्षित रेस्क्यू
बताया जाता है कि कॉमन वुल्फ स्नेक सामान्यतः कम विषैला/कम जहरीला माना जाता है, लेकिन किसी भी सांप को देखकर उसे पकड़ने या छेड़ने की कोशिश करना जोखिम भरा हो सकता है
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
वाल्मीकिनगर, (संतोष कुमार)। सावन के सोमवार के दिन टंकी बाजार स्थित NR ENTERPRISES दुकान में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दुकान के अंदर एक कॉमन वुल्फ स्नेक (Common Wolf Snake) दिखाई दिया। सांप को देखते ही आसपास मौजूद लोगों में भय का माहौल बन गया। हालांकि, दुकान के ऑनर संतोष रौनियार ने घबराने के बजाय सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए सांप को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया और बाद में उसे जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया।

बताया जाता है कि कॉमन वुल्फ स्नेक सामान्यतः कम विषैला/कम जहरीला माना जाता है, लेकिन किसी भी सांप को देखकर उसे पकड़ने या छेड़ने की कोशिश करना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में प्रशिक्षित व्यक्ति से ही रेस्क्यू कराया जाना उचित है।
🌧️ बरसात में बढ़ी सर्पदंश की चिंता
वाल्मीकिनगर क्षेत्र वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल क्षेत्र से सटा होने के कारण यहां बरसात के मौसम में अक्सर सांप आबादी वाले क्षेत्रों, घरों और दुकानों में दिखाई देने लगते हैं। ग्रामीणों के लिए यह एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में सर्प रेस्क्यू टीम की नियमित एवं पर्याप्त सक्रियता की आवश्यकता है, ताकि सांप निकलने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित मदद मिल सके। वहीं सर्पदंश की स्थिति में समय पर उपचार और एंटी-स्नेक वेनम की उपलब्धता भी बेहद महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों ने प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि वाल्मीकिनगर जैसे वन क्षेत्र से जुड़े इलाके में सर्पदंश से निपटने के लिए बेहतर व्यवस्था, जागरूकता अभियान और प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इस घटना ने एक ओर जहां लोगों में सतर्कता का संदेश दिया, वहीं सांपों को मारने के बजाय सुरक्षित रेस्क्यू कर प्राकृतिक आवास में छोड़ने की जरूरत को भी सामने रखा। संतोष रौनियार की सूझबूझ से सांप को सुरक्षित जंगल में छोड़े जाने की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है।
🐍 सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।
🌳 वन्यजीवों की रक्षा करें।
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