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Post: तिब्बत में ग्लेशियल झील फटने के बाद बिहार में हाई अलर्ट, गंडक नदी में तेजी से बढ़ सकता है जलस्तर

तिब्बत में ग्लेशियल झील फटने के बाद बिहार में हाई अलर्ट, गंडक नदी में तेजी से बढ़ सकता है जलस्तर

रिपोर्ट : पटना डेस्क, विशेष ब्यूरो

नेपाल में नारायणी नदी के देवघाट गेज स्थल पर वर्तमान जलस्तर 4.77 मीटर दर्ज किया गया है

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

–  अमिट लेख

पटना, (विशेष ब्यूरो)। तिब्बत क्षेत्र में बुधवार, 26 अगस्त 2026 को सुबह करीब 9 बजे एक ग्लेशियल झील (Glacial Lake) के फटने की घटना सामने आई है। इसके कारण भोटे-कोशी नदी में करीब 3 मीटर का जल surge प्रवाहित हो रहा है। भोटे-कोशी नदी तिब्बत से निकलकर नेपाल में त्रिशूली नदी में मिलती है। इस घटना के बाद इसके डाउनस्ट्रीम में गंडक नदी के जलश्राव और जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि की आशंका जताई गई है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, बुधवार दोपहर 12 बजे वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज से 86,000 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। इसकी प्रवृत्ति बढ़ने की बताई गई है। नेपाल में नारायणी नदी के देवघाट गेज स्थल पर वर्तमान जलस्तर 4.77 मीटर दर्ज किया गया है। यहां खतरे का निशान 9 मीटर और चेतावनी स्तर 7.30 मीटर है। विभाग के अनुसार, देवघाट में नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद गंडक बराज तक पानी पहुंचने में करीब 3 घंटे 30 मिनट का समय लग सकता है। ऐसे में गंडक नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए बिहार में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही जल संसाधन विभाग ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं। साथ ही मुख्यालय स्तर से अधीक्षण अभियंता के नेतृत्व में एक तकनीकी दल को गंडक बराज पर भेजा गया है। गंडक नदी बेसिन में आने वाले सभी जिलों को चेतावनी संबंधी सूचना जारी कर दी गई है। विभागीय अधिकारियों को संभावित आकस्मिक स्थिति को देखते हुए सभी जरूरी तैयारियां सुनिश्चित करने और लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक सामग्री का भंडारण किया जा रहा है। इसके साथ ही तटबंधों के लगातार निरीक्षण और निगरानी की व्यवस्था भी मजबूत की गई है। मुख्य सचिव, बिहार के स्तर से संबंधित सभी जिलाधिकारियों के साथ आपात बैठक की गई। बैठक में अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराते हुए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया गया। तटबंध के अंदर बसे लोगों को माइकिंग के माध्यम से संभावित खतरे की जानकारी देने और जरूरत पड़ने पर उन्हें समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी करने को कहा गया है। संभावित प्रभावित क्षेत्रों में NDRF और SDRF की टीमें भी तैनात की जा रही हैं। मुख्यमंत्री बिहार ने मुख्य सचिव, प्रधान सचिव आपदा प्रबंधन विभाग और सचिव जल संसाधन विभाग के साथ बैठक कर मौजूदा स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को हाई अलर्ट मोड में रहने, सभी आवश्यक कार्रवाई समय पर सुनिश्चित करने और गंडक नदी समेत पूरे प्रभावित क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने का निर्देश दिया है। फिलहाल प्रशासन और जल संसाधन विभाग गंडक नदी के जलस्तर, गंडक बराज के जलश्राव और तटबंधों की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है। संभावित जल वृद्धि को देखते हुए निचले और तटवर्ती इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। वही नेपाल में मूसलाधार बारिश और ग्लेशियर फटने से बिहार में बाढ़ के खतरे को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी से फोन पर बात की। गृह मंत्री ने संभावित संकट से निपटने के लिए राज्य सरकार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए NDRF को mobilise किया जा रहा है।

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