रिपोर्ट : उप-संपादक, बेतिया डेस्क
सुरक्षित लौटे 34 वर्षीय मजदूर नेयाज आलम ने बताया कि अचानक पानी और धुएं का तेज सैलाब आया जिसके बाद हमलोग ऊंची पहाड़ी पर सुरक्षित स्थान पर चले गए
जबकि, साथ गये अन्य लौटे अपने घर
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। पश्चिम चंपारण जिले के चनपटिया थाना क्षेत्र के तुरहापट्टी वार्ड-1 निवासी तीन बढ़ई बुधवार को नेपाल के रसुआ जिले में आई भीषण बाढ़ और मलबे की घटना के बाद से लापता हैं।

उनके साथ नेपाल में रह रहे चार मजदूर शनिवार को सुरक्षित अपने घर लौट आए और उन्होंने आपदा के दौरान जान बचाकर निकलने की पूरी आपबीती सुनाई। लापता लोगों की पहचान हसमुद्दीन मियां के पुत्र समीर अंसारी (23), इस्लाम अंसारी के पुत्र मोख्तार मियां (45) और आस मियां के पुत्र अरमान आलम (35) के रूप में हुई है। तीनों रसुआ जिले के धुन्चे क्षेत्र के श्याफ्रुबेसी गांव में अन्य मजदूरों के साथ किराये के कमरे में रहते थे और बढ़ई का काम करते थे।

सुरक्षित लौटे 34 वर्षीय मजदूर नेयाज आलम ने बताया किअचानक पानी और धुएं का तेज सैलाब आया जिसके बाद हमलोग ऊंची पहाड़ी पर सुरक्षित स्थान पर चले गए। पानी कम होने पर जब तीन अन्य साथियों की खोज की तो उनका कोई सुराग नहीं मिला, उनके मोबाइल नंबर बंद आ रहे थे। इसके बाद स्थानीय लोगों के साथ हम सभी को सुरक्षित स्थान और फिर स्कूल ले जाया गया, जहां आर्मी वालों ने खाना-पीना दिया। अगले दिन शाम चार बजे हमें हेलीकॉप्टर से धुन्चे ले जाया गया। वहां करीब दो घंटे रुकने के बाद त्रिशूली (बटार) और फिर काठमांडू पहुंचाया गया। काठमांडू में रिश्तेदारों के यहां रात बिताने के बाद सुबह सात बजे निकले, दो बजे बीरगंज और फिर रक्सौल होते हुए ट्रेन से अपने घर बेतिया पहुंचे।” 17 वर्षीय सलमान आलम ने बताया, “हम लोग कमरे में कुल सात लोग सोए थे। सुबह छह बजे चार लोग काम पर चले गए, जिनमें टाइल्स और बढ़ई का काम करने वाले शामिल थे। मेरे गले में दर्द था, तो मैंने अपने एक साथी को दवा लाने भेजा, लेकिन दुकानदार ने दवा नहीं दी तो मैं बिना खाए सो गया। सुबह करीब 9:30 बजे अचानक लोगों की चीख पुकार सुन कर नींद खुली तो देखा कि चारों तरफ धुआं-धुआं छा गया था और पानी का सैलाब आ गया तो हम जान बचाने के लिए और ऊपर की तरफ भाग रहे थे तभी चार लोगों के साथ गए साथियों में से एक अंकल भी रस्ते में भागते हुए मिले। जब पानी का बहाव कम हुआ, तो हम अपने गायब तीनों साथियों, जिनमें मेरे पापा भी शामिल थे, को खोजने निकले। पहाड़ और आसपास काफी तलाश की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। उन तीनों का नंबर भी बंद आ रहा था जिसके बाद हम लोग परेशान और चिंतित हो गए।चनपटिया के अंचलाधिकारी राहुल कुमार ने बताया कि परिजनों ने नेपाल में आई भीषण आपदा में तुरहापट्टी गांव के तीन लोगों के लापता होने की सूचना दी है।उन्होंने कहा, “परिजनों द्वारा नेपाल में आए भीषण आपदा में तुरहापट्टी गांव के तीन लोगों के लापता होने की सूचना दी गई है। इसकी लिखित सूचना हमने आपदा प्रबंधन विभाग और वरीय पदाधिकारियों को दे दी है। इस संबंध में अग्रेतर कार्रवाई की जा रही है।” तीनों लापता लोगों के परिवार अब उनके सुरक्षित वापस लौटने की उम्मीद में प्रशासन और नेपाल में चल रहे राहत एवं बचाव अभियान से मिलने वाली जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।








