रिपोर्ट : बेतिया डेस्क, 29 सितम्बर 2026
पहली घटना सोमवार रात करीब 8.30 बजे सिंगहरी पिपरिया पंचायत के खैरटिया दरोगा चौक के पास हुई, जहां बगहा और रतवल को जोड़ने वाले तटबंध का करीब 25 मीटर हिस्सा टूट गया
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। गंडक नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण पश्चिम चंपारण के कुछ हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सोमवार रात से मंगलवार सुबह के बीच चंपारण तटबंध तीन जगह टूट गया।

करीब 65 मीटर तटबंध टूटने से निचले इलाकों और खेतों में पानी फैल गया है, जिससे कई गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। पहली घटना सोमवार रात करीब 8.30 बजे सिंगहरी पिपरिया पंचायत के खैरटिया दरोगा चौक के पास हुई, जहां बगहा और रतवल को जोड़ने वाले तटबंध का करीब 25 मीटर हिस्सा टूट गया। इसके बाद बैरिया प्रखंड के फुलिया खांड गांव के पास करीब 30 मीटर तटबंध ध्वस्त हो गया।

तीसरी घटना मंगलवार सुबह मकड़ी तेसरहिया गांव के पास रतवल-बथवरिया मार्ग को जोड़ने वाले तटबंध पर हुई, जहां करीब 10 मीटर हिस्सा टूट गया। ग्रामीणों ने बताया कि फुलिया खांड पंचायत के वार्ड 5 के पास तटबंध में पहले से ही पानी का रिसाव हो रहा था। रात में पानी का दबाव बढ़ने के साथ तटबंध का एक बड़ा हिस्सा टूट गया। ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग को सूचना दी, लेकिन टीम के पहुंचने तक तटबंध का काफी हिस्सा ध्वस्त हो चुका था। पानी के तेज बहाव के कारण तत्काल मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो सका।
फुलिया खांड के पास तटबंध टूटने के बाद बाढ़ का पानी तेजी से खेतों और निचले इलाकों में फैल रहा है। फुलिया खांड, श्यामपुर और शिवराजपुर समेत आसपास के गांव प्रभावित हुए हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने, मवेशियों को निकालने और जरूरी सामान बचाने में परेशानी हो रही है। कई बाढ़ प्रभावित परिवारों ने तटबंध के ऊंचे हिस्सों पर शरण ली है। बगहा क्षेत्र में तटबंध टूटने से आधा दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों और कई गांवों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। इनमें चखनी, राजवटिया, पिपरिया, बरगांव, बेलवा, डुमरिया, पाटिलार, रतवल, लगुनाहा और बकवा शामिल हैं। जिला प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और चिकित्सा व्यवस्था तेज कर दी है। जिलाधिकारी तरनजोत सिंह के निर्देश पर पीएचसी बगहा-1 की आरबीएसके मेडिकल टीम प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल कैंप लगाकर लोगों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं और राहत सामग्री उपलब्ध करा रही है। जल संसाधन विभाग के अभियंता भी तटबंध और नदी के जलप्रवाह पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने कहा, “तटबंध टूटने और बाढ़ की आशंका को देखते हुए मौके पर 30 सदस्यीय एनडीआरएफ टीम तैनात की गई है। किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य के लिए टीम तैयार है।” प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की है। अधिकारियों ने बताया कि पानी का बहाव और दबाव कम होने के बाद क्षतिग्रस्त तटबंधों की मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा।








