रिपोर्ट : बेतिया डेस्क, 08 अक्टूबर 2026
टीबी उन्मूलन की लड़ाई केवल स्वास्थ्य विभाग की ही नहीं, बल्कि पूरे जागरूक समाज की साझी जिम्मेदारी : गरिमा
टीबी उन्मूलन के लिए जिले में रवाना हुआ ‘जोश’ जागरूकता जत्था को किया गया समारोह पूर्वक रवाना
‘टीबी मुक्त भारत’ अभियान के तहत ‘जोश’ टीमों के प्रथम चरण के राष्ट्रीय शुभारंभ के अवसर पर सिविल सर्जन कार्यालय में भी जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत ‘जोश’ टीमों के प्रथम चरण के राष्ट्रीय शुभारंभ के अवसर पर गुरुवार को पश्चिम चंपारण में भी जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया।

नई दिल्ली के भारत मंडपम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने राष्ट्रीय स्तर पर अभियान का शुभारंभ किया। प्रथम चरण में 11 राज्यों के 55 जिलों में यह पहल शुरू की जा रही है। इसी क्रम में पश्चिम चंपारण के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी कार्यालय परिसर में सिविल सर्जन डॉ.विजय कुमार, नगर निगम की महापौर गरिमा देवी सिकारिया, एसीएमओ रमेश चंद्रा इत्यादि ने जिला स्तरीय जागरूकता जत्था को रवाना किया।

सिविल सर्जन डॉ विजय कुमार ने बताया कि जागरूकता जत्था के माध्यम से लोगों को टीबी के लक्षण, समय पर जांच, उपचार पूरा करने तथा बीमारी से जुड़ी भ्रांतियों और सामाजिक कलंक को दूर करने के प्रति जागरूक किया जाएगा। इस मौके पर अपने संदेश में महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने कहा है कि “टीबी उन्मूलन की लड़ाई केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझी जिम्मेदारी है।

जागरूकता, समय पर जांच और नियमित उपचार से टीबी को हराया जा सकता है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि बीमारी के लक्षण दिखने पर कोई व्यक्ति जांच कराने में देर न करे और मरीजों के प्रति भेदभाव के बजाय सहयोग का वातावरण बने। जनभागीदारी और युवाओं की सक्रिय भूमिका से टीबी मुक्त समाज का संकल्प निश्चित रूप से और मजबूत होगा।”








