रिपोर्ट : बेतिया डेस्क, 23 अक्टूबर 2026
एमएलसी चुनाव के कारण कार्यक्रम में किया बदलाव
मोदी सरकार एस.आई.आर. द्वारा करोड़ों गरीबों को मतदान से वंचित कर आरिस्टोक्रेसी लाना चाहती है
एस आई आर. रद्द करें, ज्ञानेश कुमार को हटाएँ – मुकदमा चलाएँ,13 करोड़ नागरिकों के मतदान के अधिकार को बहाल करें
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। किसान और नागरिक समाज नागरिकों के लोकतंत्र और मतदान के अधिकार की रक्षा के संघर्ष में एकजुट हो विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को तुरंत रद्द करने, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और उनके खिलाफ मुकदमा चलाने, बिना पारदर्शिता के हटाए गए 13.41 करोड़ नागरिकों के मतदान के अधिकार को बहाल करने, 2023 के अधिनियम में संशोधन करने और प्रधानमंत्री द्वारा मनोनीत कैबिनेट मंत्री के स्थान पर चयन पैनल में भारत के मुख्य न्यायाधीश को शामिल करने की मांग करते हैं।

उक्त बातें संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर बेतिया के शहीद पार्क में अखिल भारतीय किसान महासभा और नागरिक समाज बेतिया द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुर्व विधायक वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता ने कहा। अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार राव ने कहा ज्ञानेश कुमार ने अपने संवैधानिक शपथ का उल्लंघन किया है और उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं उस मुख्य निर्वाचन आयुक्त की रक्षा कर रहे हैं जिसने सत्ताधारी दल (भाजपा) को सत्ता में बनाए रखने के लिए वास्तविक नागरिकों को मतदाता सूची से हटाने का घोर अपराध किया है। नियम-पुस्तिका को औपचारिक रूप से बदलने की एकमात्र शक्ति संसद के पास है। संसद द्वारा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग लगाए बिना प्रधानमंत्री अपने मंत्रिमंडल के सामने खड़े पूर्ण संवैधानिक गतिरोध को पार नहीं कर सकते। नागरिक समाज बेतिया के समाज सेवी भाई पंकज ने कहा हम किसान दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर मंतर को शांतिपूर्ण विरोध के लिए नामित स्थल से हटाने के आदेश को तुरंत रद्द करने की मांग करते हैं। नागरिक समाज के नंदलाल प्रसाद ने कहा किसान एस.आई.आर. मुद्दे पर प्रदर्शनकारियों, विशेषकर छात्रों और युवाओं का समर्थन करते हैं और हम दिल्ली पुलिस और आरएसएस-भाजपा के आपराधिक तत्वों द्वारा प्रदर्शनकारियों, जिसमें युवा महिला छात्र भी शामिल हैं, पर की जा रही क्रूर दमन और यातना की कार्यवाही के खिलाफ जोरदार विरोध और चेतावनी देते हैं।
किसान महासभा के राज्य परिषद सदस्य बिनोद यादव ने कहा दिल्ली पुलिस और आरएसएस-भाजपा से जुड़े आपराधिक तत्वों द्वारा महिला छात्रों और पत्रकारों के यौन उत्पीड़न का पूरा देश को झटका लगा है और यह शर्मनाक है। यदि मोदी सरकार प्रदर्शनकारियों पर हमला जारी रखती है तो किसानों को उनकी रक्षा के लिए आगे आने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इसलिए हम आपसे अनुरोध करते हैं कि तुरंत जांच करें, दोषियों को गिरफ्तार करें और वर्दीधारी तथा असामाजिक दोनों ही ऐसे जघन्य अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। कार्यक्रम को संबोधित करते किसान महासभा के जिला सचिव इंद्रदेव कुशवाहा ने कहा प्रदर्शन का अधिकार एक मौलिक अधिकार है और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हमला संविधान और कानून के शासन के खिलाफ है। नागरिक समाज के समाजसेवी रामेश्वर प्रसाद ने कहा हम न्यायपालिका, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय भी शामिल है, की इस बात के लिए कड़ी आलोचना करते हैं कि उन्होंने राजधानी में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ व्यापक अपराधों का स्वतः संज्ञान नहीं लिया।एक्टू जिला संयोजक जवाहर प्रसाद ने कहा भारत में कोई भी वैधानिक कानून या नियम पुलिस को नागरिकों को “हाउस अरेस्ट” में रखने की स्पष्ट अनुमति नहीं देता। लेकिन गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर आपकी सरकार, विशेषकर जहां “डबल इंजन सरकारें” हैं, उन राज्यों में पुलिस को निजी घरों में घुसकर राजनीतिक कार्यकर्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को अवैध हाउस अरेस्ट में रखकर शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार से वंचित कर रही है। यह भारत के संविधान द्वारा सुनिश्चित मौलिक अधिकारों का घोर उल्लंघन है। आपकी सरकार ने भारत को ‘पुलिस राज्य’ बना दिया है। हम राज्य आतंक का जोरदार विरोध करते हैं और मांग करते हैं कि आप तुरंत कदम उठाकर नागरिकों की निजता और लोकतांत्रिक अधिकार में अतिक्रमण को रोकें । नागरिक समाज के अमरेंद्र श्रीवास्तव ने कहा हम आशा करते हैं कि हमारी मांगों पर आप गंभीरता से विचार करेंगी और बिना देरी के लोकतंत्र की बहाली के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे। कार्यक्रम को मारे नेता फरहान राजा, नवीन मुखिया,मुन्रा सिंह नागरिक समाज के शेषनाथ प्रसाद,बालदेव प्रसाद,आसमहम्द मियां,अमर राम,संत राम,रैफूल आलम मारे नेताओं संजय राम, अच्छेलाल राम, बजावल राम, संजय यादव, संजय मुखिया,भरत शर्मा सुरेंद्र चौधरी आदि ने संबोधित किया।








