रिपोर्ट : छपरा डेस्क, 31 अक्टूबर 2026
‘स्वच्छता हमारी संस्कृति’ थीम पर हुई विशेष चर्चा
स्वच्छता, ई-कचरा प्रबंधन, बच्चों की शैक्षणिक प्रगति और नियमित उपस्थिति को लेकर अभिभावकों को किया गय प्रोत्साहित
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
एकमा, (सारण)। शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार एवं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मनीष कुमार के मार्गदर्शन में एकमा प्रखंड एवं नगर पंचायत क्षेत्र के विभिन्न प्रारंभिक विद्यालयों में शनिवार को अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी (पीटीएम) का आयोजन किया गया।
फोटो : संवाददाताइस अवसर पर विद्यालयों में अभिभावकों एवं शिक्षकों की सहभागिता से बच्चों की शैक्षणिक प्रगति, स्वास्थ्य, स्वच्छता, नियमित उपस्थिति तथा घर पर पढ़ाई के अनुकूल वातावरण तैयार करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। अक्टूबर माह की इस संगोष्ठी की मुख्य थीम ‘स्वच्छता हमारी संस्कृति’ निर्धारित की गई थी। इसके तहत बच्चों में स्वच्छता की आदत विकसित करने, विद्यालय एवं आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। शिक्षकों ने अभिभावकों को बताया कि स्वच्छता केवल विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि परिवार और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है। बच्चों को बचपन से ही स्वच्छता संबंधी अच्छी आदतें सिखाकर एक स्वस्थ एवं स्वच्छ समाज का निर्माण किया जा सकता है। इसी क्रम में उत्क्रमित मध्य विद्यालय गौसपुर में प्रधानाध्यापक मंजीत कुमार तिवारी की अध्यक्षता में संगोष्ठी आयोजित हुई। जिसमें शिक्षक दिग विजय कुमार गुप्ता, योगेश कुमार सिंह, कमल कुमार सिंह, छविनाथ मांझी, राज मोहम्मद अंसारी, अंजू कुमारी, सोनाली नंदा, कुमारी अर्किता कुशवाहा, बेबी सिंह, नैतिक कुमार आदि अन्य अभिभावक व शिक्षक शामिल हुए। संगोष्ठी के दौरान प्रधानाध्यापक श्री तिवारी ने ई-कचरा प्रबंधन को भी महत्वपूर्ण विषय के रूप में शामिल करते हुए अभिभावकों को इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से निकलने वाले कचरे के सुरक्षित संग्रहण एवं निपटान के प्रति जागरूक करने तथा विद्यार्थियों को इसके दुष्प्रभावों की जानकारी दिया। इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, स्वास्थ्य, पोषण एवं व्यक्तित्व विकास की समीक्षा करने पर भी चर्चा हुई। शिक्षकों ने अभिभावकों से बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, विद्यालय से मिलने वाले गृहकार्य की निगरानी करने तथा उनकी पढ़ाई में नियमित सहयोग करने की अपील की। वहीं, विद्यालय अवधि के बाद घर पर पढ़ाई के लिए एक अनुकूल वातावरण एवं छोटा अध्ययन कक्ष (स्टडी कॉर्नर) विकसित करने के लिए अभिभावकों को प्रेरित किया गया। इस अवसर पर उत्क्रमित मध्य विद्यालय गौसपुर, आमडाढी, लाकठ छपरा, बेसिक स्कूल रसूलपुर, योगिया, असहनी, माने, हंसराजपुर, रीठ, हुस्सेपुर, परसागढ़ हिन्दी, एकसार, माधोपुर, देवढ़िया, भुईली, बनवारी अमनौर, अतरसन, भरहोपुर, हरपुर, मठनपुरा, टोला डोमन राय, टेसुआर, कन्या मध्य विद्यालय एकमा, बेनौत, कन्या प्राथमिक विद्यालय कर्णपुरा, प्राथमिक विद्यालय राजापुर, रामपुर, बंशी छपरा, पांडेय छपरा, नवसृजित प्राथमिक विद्यालय रामपुर मठिया, पचरुखिया, असहनी दक्षिण टोला, योगिया हरिजन टोला, भंडारी नाथ रीठ आदि विभिन्न विद्यालयों में आकर्षक पोस्टर, जागरूकता संबंधी गतिविधियों एवं संवाद के माध्यम से अभिभावकों को शिक्षा और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य विद्यालय व परिवार के बीच मजबूत संबंध स्थापित करते हुए बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सामूहिक प्रयास को बढ़ावा देना रहा। संगोष्ठी में विद्यालय शिक्षा समिति के सदस्यों एवं स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। शिक्षकों ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय एवं नियमित संवाद आवश्यक है। अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं, उनकी रुचियों एवं उपलब्धियों पर शिक्षकों से खुलकर चर्चा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

