रिपोर्ट : बेतिया डेस्क, 05 नवम्बर 2026
बाढ़ से हुए नुकसान के बाद छठ व्रतियों की सुविधा के लिए विशेष तैयारी, जलकुंभी और सेवार घास निकालकर की जा रही विशेष सफाई
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने संत घाट के ऐतिहासिक छठ पूजा घाट पर नगर निगम प्रशासन द्वारा जारी सुधार और सुविधा विस्तार कार्य का दल बल सहित निरीक्षण किया। इस दौरान महापौर श्रीमती सिकारिया ने बताया कि बीते माह गंडक नदी की बाढ़ से नदी के किनारे बने चंपारण तटबंध टूटने से चंद्रावत नदी के संत घाट क्षेत्र में आई बाढ़ के कारण छठ घाट को हुए नुकसान और फैली गंदगी को देखते हुए नगर निगम प्रशासन इस वर्ष विशेष तैयारी में जुटा है। छठ व्रतियों की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने संत घाट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद महापौर श्रीमती सिकारिया ने बताया कि जलकुंभी और सेवार प्रजाति की घास को पानी में से हटाकर घाट के पानी को स्वच्छ बनाने के साथ चंद्रावत नदी के बढ़े जलस्तर को देखते हुए छठ पूजा स्थल को सुरक्षित बनाना निगम प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। महापौर ने कहा कि लोक आस्था के महापर्व में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो, इसके लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। महापौर श्रीमती सिकारिया ने घाट पर पूजा समिति द्वारा कराई जा रही आकर्षक लाइटिंग और सौंदर्यीकरण कार्यों की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि छठ केवल पर्व नहीं, बल्कि हमारी आस्था, परंपरा और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक है। इसकी सफलता के लिए सभी को श्रद्धापूर्वक योगदान देना चाहिए। उन्होंने नगर के ऐतिहासिक संत घाट को वार्ड 2, 3, 12, 14, 15 और 16 सहित कई वार्डों के हजारों छठ व्रतियों की आस्था का केंद्र बताते हुए इसे बेतिया के ऐतिहासिक गौरव का प्रतीक भी करार दिया।

