रिपोर्ट : छपरा डेस्क, 06 नवम्बर 2026
लोक आस्था और संस्कृति की दिखी अनुपम झलक
छात्राओं ने छठ महापर्व की पारंपरिक झांकी प्रस्तुत कर दिया भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं के संरक्षण का संदेश
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
एकमा, (सारण)। नगर पंचायत एकमा बाजार क्षेत्र स्थित मध्य विद्यालय हंसराजपुर में शुक्रवार को बिहार की लोक आस्था, सूर्योपासना और पवित्रता के प्रतीक छठ महापर्व पर आधारित आकर्षक झांकी निकाली गई। विद्यालय की छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा में छठ पूजा से जुड़ी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं की मनमोहक प्रस्तुति देकर विद्यालय परिसर में भक्तिमय वातावरण बना दिया। इस अवसर पर छात्राओं के उत्साह, रचनात्मकता और सांस्कृतिक प्रस्तुति की विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सराहना की। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक आनंद कुमार सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस सांस्कृतिक गतिविधि का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को बिहार की समृद्ध लोक संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और छठ महापर्व के सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व से परिचित कराना था। झांकी के माध्यम से छात्राओं ने छठ महापर्व से जुड़ी श्रद्धा, आस्था, स्वच्छता, अनुशासन और प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना को प्रदर्शित किया। इस अवसर पर प्रभारी प्रधानाध्यापक आनंद कुमार सिंह ने छठ महापर्व के सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व बिहार की गौरवशाली लोक परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है। छठ पूजा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि स्वच्छता, पवित्रता, आत्मसंयम, सामाजिक समरसता और प्रकृति संरक्षण का भी संदेश देती है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में इस प्रकार की सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों के आयोजन से बच्चों को अपनी सभ्यता, संस्कृति और परंपराओं को करीब से जानने तथा समझने का अवसर मिलता है।वहीं, वरीय शिक्षिका चंदन कुमारी सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं ने छात्राओं की प्रस्तुति की प्रशंसा करते हुए कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में भागीदारी से बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सामूहिक सहभागिता, रचनात्मकता और अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान की भावना विकसित होती है। विद्यालय में आयोजित छठ महापर्व की झांकी ने बिहार की लोक संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की। छात्राओं की इस पहल से विद्यालय परिसर में उत्साह और उमंग का वातावरण बना रहा। शिक्षकों ने बच्चों को अपनी लोक परंपराओं से जुड़े रहने तथा भारतीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर प्रभारी प्रधानाध्यापक आनंद कुमार सिंह, वरीय शिक्षिका चंदन कुमारी, शिक्षक संजीव कुमार सिंह, उपेंद्र कुमार यादव, रीता कुमारी, अफरोजी खातून, गाजी हसन, संजय प्रसाद, सुजीत कुमार शर्मा, वर्षा गुप्ता, माया शर्मा, अनुपम कुमारी एवं मीरा देवी सहित विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।

