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Post: नेत्रदान जीवन का महत्वपूर्ण दान

नेत्रदान जीवन का महत्वपूर्ण दान

मौत के 6 घंटा बाद भी आंख रहता है सुरक्षित इस दौरान नेत्रदान संभव है

मुंगेर से निरंजन कुमार की रिपोर्ट

–  अमिट लेख

मुंगेर, (जिला ब्यूरो)। सरस्वती शिशु मंदिर लल्लू पोखर में शुक्रवार को नेत्रदान महादान विषय पर संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का प्रारंभ दीप मंत्र के साथ विद्यालय के सचिव डॉ राकेश मोहन संरक्षक विनेश, प्रधानाचार्य जयंत कुमार चौधरी सक्षम संस्था के जिला अध्यक्ष भारत किशोर तथा सक्षम संस्था के प्रांतीय अध्यक्ष कांतमनी चौरसिया ने सामूहिक रूप से किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भरत किशोर ने कहा कि लोगों को नेत्रदान करना चाहिए। डॉ. राकेश मोहन ने कहा नेत्र दान कर किसी के जीवन को उजाला किया जा सकता है इससे बड़ा मानवीय पूजा और कोई दूसरा नहीं है दान का जीवन में बहुत महत्व है असहाय व्यक्ति को सहायता करना सबसे बड़ा पुण्य है। श्रीकांत मनु चौरसिया ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति कीआंख मरणोपरांत छह घंटे तक ठीक रहता है मरणोपरांत 6 घंटा तक नेत्रदान किया जा सकता है ।इस अवसर पर विद्यालय के आचार्य सुभाष, पंकज, संजीव कुमार, कुमार निलेश , मनीष कुमार, अनिल , संतोष कुमार आचार्य सुनीता, पूर्णिमा,निभा ,खुशी, शिप्रा साक्षी, रितु एवं पवन कुमार उपस्थित थे।

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