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एसएसबी राहत एवं बचाव दल पतलावा ने लगाई आपदा जागरूकता प्रदर्शनी

महराजगंज से हमारे जिला ब्यूरो की रिपोर्ट : 

विद्यार्थियों को बचाव उपकरणों के संचालन का दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

– अमिट लेख
महराजगंज, (तैयब अली चिश्ती)। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के राहत एवं बचाव दल, पतलावा द्वारा गुरुवार को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

फोटो : चिश्ती

कार्यक्रम का संचालन टीम प्रभारी निरीक्षक (सामान्य) राकेश मणिपाल के निर्देशन में किया गया, जिसमें कर्नल विजन अकादमी, बहरौली (निचलौल) के शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

छाया : अमिट लेख

कार्यक्रम के दौरान राहत एवं बचाव दल के प्रशिक्षित जवानों ने विद्यार्थियों को प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं जैसे बाढ़, भूकंप, आगजनी, सड़क दुर्घटना तथा अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी दी।

साथ ही राहत एवं बचाव कार्यों में उपयोग होने वाले विभिन्न आधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन कर उनके संचालन एवं उपयोग की व्यावहारिक जानकारी भी दी गई।

छाया : अमिट लेख

जवानों ने बताया कि किसी भी आपदा के दौरान घबराने के बजाय सूझबूझ और सही तकनीक से कार्य करना बेहद आवश्यक होता है। उन्होंने प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड), घायलों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की विधि, जीवन रक्षक उपकरणों के उपयोग तथा समय रहते राहत एजेंसियों को सूचना देने के महत्व पर भी विस्तार से जानकारी दी।

प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने बचाव उपकरणों को नजदीक से देखा और उनके उपयोग से जुड़े सवाल पूछे, जिनका एसएसबी के जवानों ने सरल एवं व्यवहारिक तरीके से उत्तर दिया। इस दौरान छात्रों में आपदा प्रबंधन के प्रति विशेष उत्साह देखने को मिला।

छाया : चिश्ती

कार्यक्रम में 2 पुरुष एवं 3 महिला शिक्षकों सहित कुल 5 शिक्षक, 24 छात्र एवं 18 छात्राएं, कुल 47 प्रतिभागी लाभान्वित हुए। राहत एवं बचाव दल के टीम प्रभारी निरीक्षक (सामान्य) राकेश मणिपाल ने बताया कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आमजन को आपदा के समय सही निर्णय लेने, स्वयं सुरक्षित रहने तथा दूसरों की सहायता करने के लिए प्रशिक्षित करना है।

छाया : अमिट लेख

उन्होंने कहा कि भविष्य में भी विद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थानों पर इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक होकर किसी भी संकट की स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें।

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