संकलन : उप-संपादक बेतिया
20 जुलाई को मगरमच्छ ने एक किसान को अपना निवाला बना लिया, वहीं रविवार की सुबह भी मगरमच्छ ने नहर पार कर रहे एक महिला पर हमला कर दिया था
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। पश्चिमी चंपारण जिला के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व अंतर्गत नौरंगिया थाना क्षेत्र के सिरिसिया से होकर गुजरने वाली भपसा नहर में मगरमच्छों द्वारा लगातार दो हमलों के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने रविवार की रात चंदा इकट्ठा कर श्रमदान से नहर के ऊपर चचरी पुल का निर्माण किया है। इस पुल निर्माण में वाल्मीकिनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक ने भी सहयोग किया है। ग्रामीणों के मुताबिक लगातार बारिश होने के बाद भपसा नहर में कमर तक पानी है और नहर के दूसरी तरफ हजारों किसानों की खेती है। धान की फसल की रोपाई समेत उसके निराई के लिए नहर के ऊपर पुल नहीं होने के कारण इसको पार कर जाना पड़ता था। इसी दौरान 20 जुलाई को मगरमच्छ ने एक किसान को अपना निवाला बना लिया। वहीं रविवार की सुबह भी मगरमच्छ ने नहर पार कर रहे एक महिला पर हमला कर दिया था, जिसमें महिला बुरी तरह जख्मी हो गई थी। जिसके बाद ग्रामीणों ने विधायक से मुलाकात की और नहर पर पुल बनाने की मांग रखी। तत्काल पुल निर्माण नहीं हो सकता इसलिए विधायक ने फिलहाल भविष्य में इस तरह की घटना से बचने के उद्देश्य से चचरी पुल बनाने की सलाह दी और उसके लिए आर्थिक तौर पर मदद दिया। जिसके बाद ग्रामीणों ने भी अपने स्तर से चंदा जुटाया और रातों रात नहर पर चचरी पुल बना दिया। वाल्मीकिनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेन्द्र कुशवाहा ने बताया कि दो हफ्ते के भीतर लगातार मगरमच्छों के हमले में एक किसान की जान चली गई और एक महिला घायल हो गई। ऐसे में तत्काल स्थाई पुल बनवाना संभव नहीं था लिहाजा मेरे द्वारा उस नहर के ऊपर चचरी पुल बनवाने के लिए आर्थिक मदद दी गई ताकि किसानों को नहर का पानी पार न करना पड़े और भविष्य में खेती बारी करने जाने के समय मगरमच्छ के हमलों से बचा जा सके। मदनपुर वन क्षेत्र के रेंजर नसीम अहमद अंसारी ने बताया कि भपसा नाला तिरहुत कैनाल से जुड़ा हुआ है, जिसमें गहरा पानी है। लिहाजा इसमें गंडक नदी से मगरमच्छ आ जाते हैं। इन मगरमच्छों की संख्या का अंदाजा लगाना मुश्किल है। 20 जुलाई को जब पहली बार मगरमच्छ ने हमला किया तो वन विभाग ने मगरमच्छ को पकड़ने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया था लेकिन सफलता नहीं मिली। उसके बाद से वन विभाग की टीम लगातार ग्रामीणों से अपील कर रही है कि उक्त नहर को पार न करें। इसी बीच रविवार को भी नहर पार करने के दौरान महिला पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया जिसमें वह घायल हो गई। फिलहाल उस नहर पर ग्रामीणों द्वारा चचरी पुल बना दिया गया है। उन्होंने आगे बताया कि वन विभाग द्वारा शीघ्र ही पूरी प्रक्रिया के उपरांत मगरमच्छ के हमले में मृत किसान के परिजनों को मुआवजा स्वरूप 10 लाख की राशि मुहैया कराई जाएगी जबकि घायल महिला को भी जांच पड़ताल कर इलाज हेतु मुआवजा दिया जाएगा।








