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अपर पुलिस महानिदेशक का निर्देश : वाहन या पोस्ट में बैठकर कागजात जांचने पर होगी कार्रवाई

रिपोर्ट : विशेष ब्यूरो पटना 

इस रैंक तक के पुलिसकर्मी नहीं करेंगे वाहनों की जांच

चेकिंग अभियान के दौरान जिम्मेदारी संभालने वाले इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी गाड़ियों के अंदर या ट्रैफिक पोस्ट में आराम से बैठे रहते हैं, जबकि सड़क पर उनके अधीनस्थ कर्मचारी वाहनों को रोककर जांच करते हैं

इस कड़े कदम का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर चेकिंग के नाम पर होने वाली अवैध वसूली और आम जनता को होने वाली अनावश्यक परेशानी को समाप्त करना है

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़ 

–  अमिट लेख
पटना, (दिवाकर पाण्डेय)। राजधानी पटना में यातायात व्यवस्था को सुगम, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए बिहार पुलिस मुख्यालय ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। यातायात ड्यूटी में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली में सुधार लाने के उद्देश्य से अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) सुधांशु कुमार ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वाहनों में बैठकर या आड़ में रहकर कागजात जांच करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ अब सीधी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। एडीजी सुधांशु कुमार ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सिपाही, हवलदार या एएसआई (ASI) रैंक के पुलिसकर्मी अब सड़कों पर खुद से वाहनों की जांच नहीं करेंगे और न ही गाड़ियों के कागजात (पेपर) देखेंगे। अक्सर यह शिकायतें मिल रही थीं कि निचले स्तर के पुलिसकर्मी नियमों की आड़ में चालकों को रोककर जांच के नाम पर परेशान करते हैं। इस आदेश के बाद अब निचले स्तर के जवानों द्वारा की जाने वाली मनमानी चेकिंग पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। मुख्यालय के संज्ञान में यह बात भी आई है कि चेकिंग अभियान के दौरान जिम्मेदारी संभालने वाले इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी गाड़ियों के अंदर या ट्रैफिक पोस्ट में आराम से बैठे रहते हैं, जबकि सड़क पर उनके अधीनस्थ कर्मचारी वाहनों को रोककर जांच करते हैं। इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए एडीजी ने कहा कि यदि इस तरह की लापरवाही या शिथिलता की शिकायत मिलती है, तो संबंधित पोस्ट पर मौजूद वरिष्ठ अधिकारी (इंसपेक्टर) के खिलाफ भी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन के इस कड़े कदम का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर चेकिंग के नाम पर होने वाली अवैध वसूली और आम जनता को होने वाली अनावश्यक परेशानी को समाप्त करना है। पुलिस मुख्यालय का मानना है कि चेकिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता आने से आम लोगों और पुलिस के बीच का विश्वास बढ़ेगा। साथ ही, सड़कों पर बेवजह गाड़ियों को रोककर लगने वाले जाम से भी शहरवासियों को बड़ी राहत मिलेगी। एडीजी सुधांशु कुमार के इस बयान के बाद पटना ट्रैफिक पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे चेकिंग के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों का पूरी निष्ठा और नियमानुसार पालन करें। प्रशासन का साफ संदेश है कि ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के नाम पर किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और इस आदेश का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों पर त्वरित कार्रवाई तय है।

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