रिपोर्ट : विशेष ब्यूरो पटना
बदमाश दुकान का शटर तोड़कर अंदर दाखिल हुए, लॉकर तोड़े और सोने-चांदी के कीमती आभूषणों के साथ नकदी लेकर फरार हो गए
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
पटना, (दिवाकर पाण्डेय)। सारण जिले में अपराधियों के बुलंद हौसलों ने एक बार फिर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बिंटोलिया स्थित ‘मां गहना ज्वेलर्स’ में शुक्रवार देर रात अज्ञात चोरों ने फिल्मी अंदाज में बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। बदमाश दुकान का शटर तोड़कर अंदर दाखिल हुए, लॉकर तोड़े और सोने-चांदी के कीमती आभूषणों के साथ नकदी लेकर फरार हो गए। दुकान संचालक भगवान लाल सोनी ने करीब 10 लाख रुपये के नुकसान का दावा किया है। शनिवार सुबह करीब 11 बजे जब भगवान लाल सोनी दुकान खोलने पहुंचे तो टूटा हुआ शटर देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। दुकान के भीतर का नजारा देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। लॉकर टूटे पड़े थे और उनमें रखे गहने व नकदी गायब थे। शुरुआती जांच में साफ हुआ कि चोर पूरी तैयारी और सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देने आए थे।
दुकानदार के मुताबिक, बदमाशों ने चोरी से पहले दुकान के बाहर लगे CCTV कैमरे को क्षतिग्रस्त कर दिया, जबकि अंदर लगे कैमरों के तार भी उखाड़ दिए ताकि उनकी पहचान न हो सके। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि चोरों ने पहले दुकान की रेकी की और सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जानकारी जुटाने के बाद वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने घटनास्थल से तकनीकी साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। मुफस्सिल थाना के पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष शशि रंजन कुमार ने बताया कि फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। घटना के बाद बिंटोलिया के व्यवसायियों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि इलाके में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं से व्यापारियों में दहशत का माहौल है। लोगों ने प्रशासन से बिंटोलिया में स्थायी पुलिस चौकी स्थापित करने की मांग की है। उनका तर्क है कि डीआरसीसी कार्यालय, निर्माणाधीन सरकारी बस स्टैंड, महिला एवं पुरुष आईटीआई और छपरा जंक्शन की दूसरी एंट्री जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों के कारण यह क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना अब वक्त की सबसे बड़ी जरूरत बन गई है।








