रिपोर्ट : विशेष ब्यूरो, पटना
बिहार में गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में राज्य सरकार ने एक अहम निर्णय लिया है
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
पटना, (दिवाकर पाण्डेय)। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अध्यक्षता चल रही कैबिनेट की बैठक खत्म हो गई है। राज्य मंत्री परिषद की इस बैठक में 17 महत्वपूर्ण एजेंडो पर मुहर लगाई गई है। बिहार में गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में राज्य सरकार ने एक अहम निर्णय लिया है। प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और आम नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर काम शुरू किया जा रहा है। सरकार ने राज्य के 16 चिकित्सा महाविद्यालयों एवं अस्पतालों (जिनमें डेंटल कॉलेज एवं अस्पताल भी शामिल हैं) के संचालन की योजना बनाई है। इस मॉडल के तहत निजी क्षेत्र की कार्यकुशलता और अत्याधुनिक तकनीकों का लाभ उठाकर राज्य की सरकारी स्वास्थ्य प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ एवं असरदार बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, सुगम और व्यावसायिक रूप से प्रभावी बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय कंसल्टिंग फर्म पीडब्ल्यूसी (PwC) को ट्रांजैक्शन एडवाइजर के रूप में नियुक्त करने की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। एडवाइजर के रूप में PwC इन 16 मेडिकल कॉलेजों के पीपीपी मॉडल संचालन, रूपरेखा और संबंधित प्रक्रियाओं की देखरेख करेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पहल से राज्य के दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीजों को भी विश्वस्तरीय इलाज मिल सकेगा।आधुनिक स्वास्थ्य ढांचे के विकास से राज्य में सुपर-स्पेशलिटी सेवाओं की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे आम नागरिकों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।








